क्या सच है

होली का रंग ,जेब तंग ,सत्ता की खुमारी फैली कोरोना महामारी।

वोट के लिए घूम रहे भिखारी ,कल्याण करो काली महतारी।

दुष्टो का संहार करो त्रिपुरारी -हे राम।

अनिल त्रिपाठी