राजस्थान सरकार रीट परीक्षा तिथि पर आज ले सकती है बड़ा फैसला

REET 2021 : रीट परीक्षा तिथि को लेकर आज राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले को लेकर गठित की गई कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 24 मार्च को इस कमेटी का गठन तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा जून में हो सकती है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से जैन समाज की ओर से 25 अप्रैल को महावीर जयंती होने के चलते इस दिन रीट परीक्षा न आयोजित करने की पुरजोर मांग की जा रही है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भी महावीर जयन्ती के दिन यह परीक्षा न करवाने के लिए कह चुका है।

लाल चंद कटारिया ने की महावीर जयंती के दिन परीक्षाएं आयोजित नहीं करने की मांग

राजस्थान के कृषि एवं पशुपालन मंत्री लाल चंद कटारिया ने आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर जैन समाज की भावनाओं से अवगत कराते हुए महावीर जयंती के दिन परीक्षाएं आयोजित नहीं करने की मांग की है। अजमेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कटारिया ने राजस्थान समग्र युवा परिषद द्वारा उन्हें दिये ज्ञापन पर अनुशंसा के साथ मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में जैन कल्याण बोर्ड का गठन करने के साथ साथ अल्पसंख्यक आयोग में जैन समुदाय को प्रतिनिधित्व दिये जाने की मांग की है। उन्होंने महावीर जयंती पर परीक्षाएं नहीं कराने की भी मांग की है।

उल्लेखनीय है कि अजमेर स्थित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 25 अप्रैल को महावीर जयन्ती के दिन परीक्षाओं की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। बोर्ड के अध्यक्ष डा. डी.पी. जारोली बच्चों के भविष्य और कोरोना माहौल को देखते हुए रीट परीक्षा आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।

 इस परीक्षा के लिए अब तक 16.5 लाख से अधिक उम्मीदवार आवेदन कर चुके हैं। रीट के जरिए राज्य में 31000 शिक्षकों की भर्ती होनी है।

जानें रीट से जुड़े बदलावों के बारे में 

- बीएसटीसी वाले ही शामिल होंगे। बीएड वाले शामिल नहीं। क्योंकि बीएड वालों को लेवल-1 का शिक्षक बनने के बाद 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होता है। प्रदेश में इसकी कोई संस्था नहीं।

- पहले रीट के लिए स्नातक में 50% अंकों के साथ बीएड जरूरी था। अब बीएड के साथ स्नातक या पीजी में किसी भी एक में 50% अंक होने चाहिए। 

- पहले भर्ती की मेरिट में लेवल-2 में रीट-आरटेट में अंकों का 70% व स्नातक के अंकों का 30% वेटेज जोड़कर मेरिट बनाई जाती थी। अब शिक्षक भर्ती में लेवल-2 में रीट-आरटेट के अंकों का 90% व स्नातक के अंकों का 10% वेटेज जोड़कर मेरिट बनाई जाएगी।

- पहले रीट में राजस्थान के जीके को प्राथमिकता नहीं थी। एनसीटीई के सिलेबस के आधार पर ही रीट का सिलेबस तय था। अब रीट में प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, कला संस्कृति, इतिहास से जुड़े सवाल होंगे। 

- कॉमर्स स्ट्रीम से बीए करने वाले भी रीट दे सकेंगे। इन्हें रीट लेवल-2 में सोशल स्टडीज विषय में शामिल किया जाएगा।

 पात्रता अंकों में 5 से 20 फीसदी तक की छूट

रीट में कई वर्गों को पात्रता अंकों में छूट दी गई है। आदेश के मुताबिक रीट आरक्षित वर्गों को पात्रता अंकों में 5 फीसदी से लेकर 20 फीसदी अंकों तक की रियायत मिलेगी। रीट में विभिन्न श्रेणियों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं।

सामान्य / अनारक्षित - 60 अंक (टीएसपी व नॉन टीएसपी)

अनुसूचित जनजाति (ST) - 55 (नॉन टीएसपी), 36 (टीएसपी)

अनुसूचित जाति (SC), ओबीसी, एमबीसी व आर्थिक कमजोर वर्ग - 55 अंक (नॉन टीएसपी व टीएसपी)

समस्त श्रेणी की विधवा और परित्यक्ता महिलाएं एवं भूतपूर्व सैनिक - 50 अंक (टीएसपी व नॉन टीएसपी)

दिव्यांग - 40 अंक (टीएसपी व नॉन टीएसपी)

सहरिया जनजाति - 36 अंक (टीएसपी व नॉन टीएसपी)