दंड माफी का खेल, सूचना आयुक्त की शिकायत

लखनऊ। एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में सूचना आयुक्त किरण बाला चौधरी द्वारा मामलों में दंड लगाने तथा माफ किये जाने के सम्बन्ध में शिकायत भेजी है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेजी अपनी शिकायत में नूतन ने कहा है कि आरटीआई एक्ट की धारा 20 में जन सूचना अधिकारी पर दंड लगाने का प्रावधान है. यूपी आरटीआई नियमावली 2015 के नियम 12 के अनुसार सूचना आयुक्त ऐसे किसी दंड को मात्र तभी वापस ले सकते हैं जब वह बिना सुनवाई का अवसर दिए लगा दिया गया हो। इसके विपरीत किरण बाला चौधरी द्वारा तमाम मामलों में दंडादेश पारित करने तथा इसके कुछ ही दिनों बाद जन सूचना अधिकारी के प्रार्थनापत्र पर उसे वापस लेने के मामले सामने आये हैं. इतना ही नहीं, उनके द्वारा 7-8 साल पुराने बंद हो चुके परिवाद में भी जन सूचना अधिकारी के प्रार्थनापत्र पर उनके दंड आदेश माफ करने के मामले हैं। नूतन ने कहा कि सुश्री चौधरी का यह कृत्य पूरी तरह अवैधानिक है. उन्होंने कहा कि आयोग में इस सम्बन्ध में तमाम कुचर्चा है. उन्होंने कहा कि किरण बाला चैधरी द्वारा वर्ष 2020 में लगभग 200 मामलों में ऐसा करने तथा इस वर्ष अब तक लगभग 50 मामलों में ऐसा करने की बात सामने आई है। अतः उन्होंने राज्यपाल से इस सम्बन्ध में आरटीआई एक्ट की धारा 17 में सुप्रीम कोर्ट से जाँच करवाने तथा तब तक सुश्री चौधरी को निलंबित रखे जाने की मांग की है।