मध्य प्रदेश : कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए शासन का फैसला, विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं मई में होंगी आयोजित

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसी को मद्देनजर रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने अप्रैल में आयोजित होने वाली सभी प्रकार की परीक्षाओं को अब मई में प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शनिवार को आयोजित बैठक में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।  

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने बताया कि मई 2021 में अंडर ग्रेजुएट अंतिम वर्ष और स्नातकोत्तर चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी। यानी परीक्षार्थियों (नियमित और प्राइवेट) को परीक्षा केंद्रों पर जाकर परीक्षा देनी होगी। साथ ही विभाग ने महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम और स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं को ओपन बुक सिस्टम से जून 2021 में आयोजित करने का निर्णय लिया है। वहीं गृह विभाग, स्वास्थ्य विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोविड-19 के संबंध में जारी निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी महाविद्यालयों को सौंपी गई है।

डॉ यादव बताते हैं कि कोरोना काल में मध्य प्रदेश पहला राज्य है, जिसने परीक्षाओं के कार्यक्रमों की घोषणा की है। स्नातक अंतिम वर्ष के 4.30 लाख एवं स्नातकोत्तर के चौथे सेमेस्टर के 1.72 लाख विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे। वहीं स्नातक पहले वर्ष, द्वितीय वर्ष और दूसरे सेमेस्टर के लगभग 18 लाख विद्यार्थी 11.93 लाख परीक्षार्थी प्रदेश के 8 विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होंगे। वर्तमान में 8 शासकीय विश्वविद्यालय में 665 परीक्षा केंद्र के साथ आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त सहपरीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए विश्वविद्यालय को निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों की 50% उपस्थिति के साथ बैठक हो सकती है।