॥ फाल्गुनी बयार ॥


फाल्गुनी बयार उड़ आई

पलास के फूल डाली में मुस्कुराई
हवा में भंग की नशा घुल आई
रंगों की फुहार बरस आई
होली की मस्ती सब पे है छाई
देखो फागुन की होली आई
गाल में अबीर गुलाल चमके
चोली संग चुनरी है रंग में भीगे
जोगीरा की लग रही ठुमके
देवर भाभी भी नाचे झूम के
भाभी की बहना छुप छुप आई
वो देखो भैय्या की गोरी साली
रंग में रंग के हो गई है काली
चेहरे पे मस्ती होली की छाई
करवा दो हमारी उनसे कोई सगाई
देखो फागुन की होली है आई
होली की मस्त मस्त है तराना
अश्लीलता अब बन गया पैमाना
हुड़दंग के रंग में रंग गया जमाना
किसने कर दी होली का ये ताना बाना
होली में बदरंग हो गई है पावन होली
ना कर होली की तुँ रूसवाई
देखो फागुन की पावन होली आई

उदय किशोर साह
मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
9546115088