महिलाएं इन लक्षणों को न करें इग्नोर, हो सकती है ये गंभीर बीमारियां

आज की महिलाएं भले हर क्षेत्र में नाम कमा रही है। मगर स्वभाव से केयरिंग व भावुक होने से उन्हें खुद से ज्यादा अपनों का ख्याल रखना अच्छा लगता है। मगर इसके चलते वे कई बार अपनी सेहत को नजरअंदाज कर बैठती है। ऐसे में उन्हें सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मगर दूसरों के साथ खुद की हैल्थ को भी मायने देता चाहिए। ऐसे में ही वुमेन्स डे के खास मौके पर आज हम आपको महिलाओं को होने वाली कुछ गंभीर बीमारियों व उनके लक्षण बताते हैं। ताकि वे अपनी सेहत से इग्नोर ना कर पाएं। तो चलिए जानते हैं महिलाओं को होने वाली उन बीमारियों के बारे में...

1. ब्रेस्ट कैंसर 

यह स्तन की कोशिकाओं में होने वाला ट्यूमर है। यह आसपास के टिश्यू में धीरे-धीरे बढ़कर शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकता है। एक शोध के अनुसार, 2018 में करीब 162,468 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हुई। मगर समय से इसके लक्षणों को पहचान कर इसे कंट्रोल कर बचा जा सकता है। 

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

- स्तन में गांठ बन जाना

- निप्पल से खून बहना

- किसी एक स्तन शेप बढ़ना

- ब्रेस्ट स्किन में बदलाव होना

- निप्पल या ब्रेस्ट की स्किन छिलने लगना 

- ब्रेस्ट की स्किन का रंग बदल कर लाल या पीला होना

ऐसे में इन लक्षणों के देखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि इस गंभीर बीमारी से बचा जा सके। 

2. दिल के रोग

एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाओं को हार्ट अटैक किसी भी उम्र में आ सकता है। इसके पीछे का कारण अन्य सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। एक शोध के मुताबिक आज भारतीय महिलाओं में दिल संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा हर 3 में से 1 महिला की मौत का कारण दिल के रोग माना जा रहा है। इसके लिए समय रहते इसके लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है।

दिल रोग के लक्षण 

- जबड़े, कंधे, गर्दन, पीठ के ऊपरी ओर या पेट से संबंधी समस्याएं होना

- बार-बार पसीना आना

- सिर दर्द, चक्कर, उल्टी या मितली होना

- आलस, थकान रहना

- तेज सिर दर्द के कारण चक्कर आना

- सांस संबंधी समस्या रहना

- शरीर में हर दम दर्द महसूस होना

ऐसे में इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की गलती ना करें। 

3. एनीमिया

डेली डाइट में आयरन की कमी होने से खून बढ़ने में मुश्किल आती है। ऐसे में महिलाएं एनीमिया का शिकार हो जाती है। इसके अलावा आम दिनों की बजाएं अधिक दिनों तक पीरियड्स होने पर भी खून की कमी होने लगती है।

एनीमिया के लक्षण 

- कोई भारी काम किए बिना भी आलस, कमजोरी व थकान रहना

- सांस से जुड़ी समस्याएं रहना

- शरीर का रंग बदल कर पीला हो जाना

- ज्यादा ठंड महसूस होना

- शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने से जल्दी ही बीमारियों की चपेट में आना

- कमजोरी, सिर दर्द, चक्कर आने के अलावा बेहोशी होना

शरीर में ऐसे में लक्षण दिखने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

4. विटामिन-डी की कमी

खाने को लेकर लापरवाही करने के कारण आज भारी मात्रा में महिलाएं विटामिन-डी की कमी का शिकार है। इसकी कमी के कारण इम्यूनिटी लो होने लगती है। ऐसे में हड्डियां कमजोर होने के साथ अन्य बीमारियों की चपेट में आने का खतरा अधिक रहता है। 

विटामिन-डी की कमी के लक्षण 

- बिना मतलब आलस, थकान व कमजोरी रहना

- हर समय तनाव व चिंता महसूस होना

- अधिक मात्रा में बाल झड़ना

- पीठ दर्द की शिकायत रहना

- चेहरे पर काले घेरे पड़ने से समय से पहले ही बूढ़ा नजर आना

- इम्यूनिटी कमजोर होने से बार-बार बीमारी की चपेट में आना

अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हो तो बिना देरी किए डॉक्टर की सलाह लें। 

5. पी.सी.ओ.एस 

आजकल हर उम्र की महिलाएं पी.सी.ओ. एस की शिकार हो रही है। यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक तरह का हॉर्मोनल सिंड्रोम है। यह महिलाओं के ओवरी पर गलत असर डालता है। इसके होने का कारण असंतुलित हॉर्मोनस माना जाता है। एक सर्वे के मुताबिक साऊथ इंडिया में 9.13 प्रतिशत एवं महाराष्ट्र में 22.5 प्रतिशत महिलाएं पी.सी.ओ.एस की समस्या से जुझ रही हैं। 

पी.सी.ओ.एस के लक्षण

- तेजी से बजन बढ़ना

- पीरियड्स आने में परेशानी होना

- चेहरे पर अधिक मात्रा में पिंपल्स व बाल आना

- कंसीव करने में भी परेशानी होना

ऐसे में तुरंत एक्सपर्ट्स की सलाह लेने में भलाई है। साथ ही लाइफ स्टाइल व खाने से जुड़ी आदतों में बदलाव करके इससे आराम पाया जा सकता है। 

posted by -दीपिका पाठक