चीन के साथ वार्ता को लेकर व्हाइट हाउस को खास अपेक्षाएं नहीं: अमेरिकी अधिकारी

वाशिंगटन : व्हाइट हाउस को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन एवं अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और उनके चीनी समकक्षों की अलास्का के एंकरेज में होने वाली आमने-सामने की पहली बैठक को लेकर खास अपेक्षाएं नहीं हैं। ब्लिंकन और सुलिवन बृहस्पतिवार को चीन के स्टेट काउंसेलर वांग यी और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश मामलों के प्रमुख यांग जिएची से मुलाकात करेंगे। अमेरिकी पक्ष ने कहा है कि यह तिब्बत, हांगकांग और पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में मानवाधिकारों, व्यापार और कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को लेकर असहमतियों पर बातचीत का शुरुआती अवसर होगा। बैठक से पहले एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने इस वार्ता को दोनों पक्षों के लिए संबंधों का ‘‘जायजा लेने’’ का अवसर बताया। अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष वार्ता के बाद कोई संयुक्त बयान जारी नहीं करेंगे और वार्ता के बाद कोई बड़ी घोषणा होने की उम्मीद भी नहीं है।
ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने मंगलवार को टोक्यो में अपने जापानी समकक्षों के साथ मुलाकात के बाद जारी एक संयुक्त बयान में चीन के शिंजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के उल्लंघन, ‘‘दक्षिण चीन सागर में समुद्री क्षेत्र के गैरकानूनी दावों और गतिविधियों’’, और पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीपों पर ‘‘यथा स्थिति को बदलने के एकतरफा प्रयास’’ पर गंभीर चिंता जतायी थी। इसके बाद, दोनों अपने दक्षिण कोरियाई समकक्षों के साथ वार्ता के लिए बुधवार को सियोल रवाना हुए। प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन अमेरिकी जमीन पर चीन के साथ उच्च स्तरीय वार्ता से पहले अपने प्रशांत सहयोगियों के साथ वार्ता करना चाहता था। इसमें क्वाड समूह के सदस्य देशों ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के नेताओं की पिछले महीने हुई डिजिटल बैठक भी शामिल है।