पांड्या को लेकर दिए गए विराट कोहली के बयान पर भड़के वीरेंद्र सहवाग

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हार्दिक पांड्या के वर्कलोड को लेकर विराट कोहली द्वारा दिए गए बयान से खुश नहीं है। सहवाग ने हार्दिक पांड्या का वनडे मैचों में गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। सहवाग ने कहा कि अगर हार्दिक टी-20 में चार ओवर फेंक सकते हैं तो फिर वनडे में क्यों नहीं। दूसरे वनडे में मिली हार के बाद विराट कोहली ने कहा था कि टीम हार्दिक के वर्कलोड को मैनेज कर रही है जिससे वह आने वाले मैचों में पूरी तरह से फिट रहें। विराट ने कहा था यही वजह है कि उनसे वनडे में गेंदबाजी नहीं करवाई जा रही है। 

वीरेंद्र सहवाग ने क्रिकबज से बात करते हुए कहा, 'कम से कम एक चेंज के लिए हार्दिक पांड्या को तीन से चार ओवर का स्पैल दिया जाना चाहिए। मुझे समझ में नहीं आता कि अगर वह टी-20 में चार ओवर फेंक सकते हैं तो फिर वनडे क्रिकेट में क्यों नहीं। अगर वह टीम में महज एक बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे हैं, तो यह बात बतानी चाहिए कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज की हैसियत से टीम में खेल रहे हैं ताकि उनके प्रदर्शन को उसी हिसाब से जज किया जाए। क्योंकि एक ऑलराउंडर  होने के नाते आपको एडवांटेज होता है कि अगर आप किसी दिन बल्ले से फ्लॉप रहते हैं तो आप गेंद से योगदान दे सकते हैं। या फिर ठीक इसका उल्टा, लेकिन अगर वह गेंदबाजी नहीं करेंगे तो वह एक बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे। तो मैं काफी निराश हूं कि पांड्या ने एक भी ओवर नहीं फेंका। अगर वह फिट हैं और टी-20 में चार ओवर फेंक सकते हैं तो उनको कुछ ओवर गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर वह टीम को ब्रेकथ्रू दिला देंगे तो उससे टीम की मदद हो जाएगी।'

सहवाग ने हार्दिक पांड्या के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर हार्दिक पांड्या के वर्कलोड में एक भी ओवर नहीं है तो मुझे लगता है कि कुछ गलत है। कोहली ने कहा कि पांड्या सहित सभी गेंदबाजों का वर्कलोड मैनजे किया जा रहा है। लेकिन, ऐसा हो नहीं सकता, क्योंकि उन्होंने एक भी ओवर नहीं फेंका है। 50 ओवर फील्डिंग करना से भी थकान होती है, तो इस बीच अगर वह चार या पांच ओवर गेंदबाजी कर लेंगे तो इससे उनका वर्कलोड नहीं बढ़ जाएगा। मुझे नहीं पता कि पांड्या का वर्कलोड के फैसले का निर्णय कौन लेता है, क्योंकि सर्जरी के बाद से उन्होंने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है।'

पूर्व सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा, 'उन्होंने टेस्ट मैच मिस किए। वह तीन टी-20 मैच खेले, जिसमें उन्होंने चार से छह ओवर डाले। जब से वह अपनी फिटनेस पर वापस लौटे उनके ऊपर वर्क का लोड तो आया ही नहीं। अगर वह लगातार तीन फॉर्मेट में क्रिकेट खेल रहे होते  तो मैं समझ सकता था। लेकिन, उनके ऊपर अबतक कोई लोड नहीं है। उन्होंने सिर्फ टी20 मैच खेले हैं। शायद उन्होंने कहा हो कि अगर मैं वनडे में 10 ओवर गेंदबाजी करूंगा तो मैं चोटिल होने की जाऊंगा और आईपीएल मिस कर दूंगा।'