बंगाल, असम विधानसभा चुनाव: छिटपुट हिंसा के बीच मतदान, मामले से जुड़ी बड़ी बातें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शनिवार को जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, वहां हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आयी हैं. बहरहाल, शांतिपूर्ण माहौल और राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच 30 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें से ज्यादातर कभी नक्सल प्रभावित इलाका रहे जंगल महल में हैं. पुलिस ने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेगमपुर इलाके में एक व्यक्ति मृत पाया गया है. उसकी उम्र 30 वर्ष के आसपास बताई जा रही है. मृतक की पहचान मंगल सोरेन के रूप में की गई है. उसका शव उसके घर के बाहर बरामद किया गया है. बीजेपी ने दावा किया कि सोरेन उनका समर्थक था और टीएमसी के ‘‘गुंडों’’ ने कथित तौर पर उसकी हत्या की. हालांकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप को खारिज किया है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

पश्चिम बंगाल में पहले चरण में पुरुलिया की 9, बांकुड़ा की 4, झाड़ग्राम की चार, पश्चिमी मेदिनीपुर की छह सीटों के अलावा पूर्वी मेदिनीपुर की अति महत्वपूर्ण सात सीटों पर मतदान हो रहा है जो भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है. मतदान के दौरान कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है.अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्र में मतदान के लिये सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए हैं. चुनाव आयोग ने यहां केन्द्रीय बलों की लगभग 684 कंपनियों को तैनात किया है, जिनके पास 10,288 मतदान केन्द्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है.  इसके अलावा महत्वपूर्ण स्थानों पर राज्य की पुलिस को भी तैनात किया गया है.

बंगाल के स्थानीय भाजपा नेता बबलू बराम ने आरोप लगाया, ‘‘टीएमसी मतदान के दौरान इलाके में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है इसलिए उन्होंने मंगल की हत्या की.''बहरहाल, जिला प्रशासन ने निर्वाचन आयोग को दी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौत का चुनाव से कोई संबंध नहीं है. अधिकारियेां ने बताया कि इलाके में केंद्रीय बलों के एक बड़े दल को तैनात किया गया है.

पुलिस ने बताया कि इसी जिले के सालबोनी इलाके में टीएमसी समर्थकों ने सीपीएम उम्मीदवार सुशांत घोष से कथित तौर पर हाथापाई की और उनके वाहन पर पथराव किया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही घोष सालबोनी बाजार पहुंचे तो कुछ टीएमसी समर्थकों ने उनका घेराव कर लिया और उनसे हाथापाई की. इसके बाद उन्होंने घोष की कार पर भी हमला किया. इलाके में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचाया और सुरक्षित निकाल कर ले गए.

वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे घोष ने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र पर हमला है. जंगल राज चल रहा है.''घटना की रिपोर्टिंग कर रहे कुछ पत्रकारों से भी हाथापाई की गई है.चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट मांगी गई है. टीएमसी ने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है. इससे पहले घोष की इलाके में एक मतदान केंद्र पर टीएमसी नेताओं से नोंकझोंक भी हो गई थी क्योंकि वहां से माकपा के पोलिंग एजेंट को कथित तौर पर हटा दिया गया था.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लोगों से मतदान के लिए बड़ी संख्या में आकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की है. मतदान शुरू होने से पहले ही कई मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गई. लोग गर्मी और बाद में हिंसा की किसी आशंका से बचने के लिए सुबह-सुबह ही मतदान के लिए पहुंचे थे. 

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर दोपहर निर्वाचन आयोग के अधिकारी से मुलाकात करेगा. निर्वाचन आयोग (ईसी) के अधिकारी ने बताया कि अभी तक 107 ईवीएम के काम न करने का पता चला है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सेक्टर अधिकारियों ने 47 ईवीएम को फिर से चालू कर दिया है और बाकी को ठीक किया जा रहा है.'' 

पूर्व मेदिनीपुर में कांठी दक्षिण सीट पर मतदाताओं ने इस मुद्दे पर एक मतदान केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया. ईसी अधिकारी ने बताया कि हालात को नियंत्रण में करने के लिए घटनास्थल पर केंद्रीय बलों का एक दल तैनात किया गया है. कोरोना वायरस के फिर से फैलने के बावजूद ज्यादातर मतदाताओं और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को बिना मास्क लगाए देखा गया. कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मास्क दिए गए जबकि ज्यादातर जगहों पर सैनिटाइजर और पॉलिथीन दस्ताने दिए गए.

एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात को पताशपुर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी दीपक चक्रवर्ती और अर्द्धसैन्य बल का एक कर्मी बम हमले में उस समय घायल हो गए जब वे इलाके में गश्त दे रहे थे. उन्होंने बताया कि उनका एग्रा अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इन 30 सीटों पर 73 लाख से अधिक मतदाता 191 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

उधर, असम में भी कड़ी सुरक्षा के बीच 47 सीटों पर वोटिंग हो रही है. असम में पहले चरण के मतदान में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, विधानसभा अध्यक्ष हीरेन्द्रनाथ गोस्वामी और असम की प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष रिपुन बोरा की किस्मत दांव पर है. इसके अलावा सत्तारूढ़ भाजपा तथा असम गण परिषद के कई मंत्रियों की भी किस्मत भी पहले चरण के मतदान के साथ ईवीएम में कैद हो जाएगी.

असम में पहले चरण के चुनाव में अधिकतर सीटों पर सत्तारूढ़ बीजेपी-एजीपी गठबंधन, कांग्रेस नीत विपक्षी महागठबंधन और नवगठित असम जातीय परिषद (एजेपी) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं. राज्य में तीन चरणों में मतदान होने हैं. दूसरे चरण में एक अप्रैल और तीसरे चरण में छह अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.