आर्दश कारागार में मशरूम उत्पादन, कैदियों ने कहा- निकलकर करेंगे मशरूम व्यवसाय

लखनऊ। आर्दश कारागार के कैदियों ने मशरूम का प्रशिक्षण लेने के उपरान्त जेलर वीरेन्द्र वर्मा से कहा कि छूटने के बाद वे इसी व्यवसाय से अपने परिवार का जीविकापार्जन करेगे। उत्साहित कैदियों ने कहा कि इतनी कम लागत, कम मेहनत और कम समय में यह सबसे कारगार व्यवसाय है। उन्होंने इस दौरान न्यू रेनबो स्टार एग्रो मशरूम के सीईओ एसआर बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ही आसान शब्दों और आसान तरीके से मशरूम के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। जेलर वीरेंद्र वर्मा के सहयोग से जेल के कैदियों को मशरूम प्रोडक्शन कराया गया। सैकड़ो की संख्या में मौजूद कैदियों को मशरूम उत्पादन की जानकारी देते हुए  एसआर बघेल ने बताया मशरूम एक कमरे में उत्पादन किया जा सकता है। मशरूम स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदे मंद है। विदेश में इसे औषधि के रूप में ही इस्तेमाल किया जाता है इसकेे सेवन करने से बहुत सारी बीमारियों से निजात पाया जा सकता है। आर्दश कारागार में ओयस्टर मशरूम का उत्पादन कराया गया है। न्यू रेनबो स्टार एग्रो मशरूम के एसआर बघेल  द्वारा कारागार में मशरूम का उत्पादन के लिए 100 पैग कैदियों के सहयोग से कमरे में स्टाल करवा दिये गए है। इस दौरान जेलर वीरेन्द्र वर्मा द्वारा न्यू रेनबो स्टार एग्रो मशरूम से कहा गया कि कैदियों के लिए बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर मशरूम के प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंग,इसका प्रोडक्ट बनाकर रेनबो कंपनी के माध्यम से मार्केटिंग आदि का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इस अवसर पर श्री रघुवीर,बृजेश दीक्षित, सत्यनारायण और कम्पनी निदेशक ईशा ने अपने विचार रखे और मशरूम और प्रशिक्षण में शामिल रहे।उन्होंने बताया कि इसके अलावा अगर कोई समस्या तो उसका निदान आॅन और आॅफ लाइन दोनों तरीके से किया जाता है। इसके लिए 08601088887 और 860103330 पर सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने वायदा किया कि प्रषिक्षार्थी जो भी उत्पादन करेगा वह प्रषिक्षण केन्द्र में ही बेच सकता है।