आंगनवाड़ी केन्द्रों रूचिकर एवंए सुविधा सम्पन्न बनाना होगा- श्रीमती आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की मैपिंग से संबंधित साफ्टवेयर लांच किया

आंगनवाड़ी केन्द्र संस्कार, शिक्षा एवं आरोग्य को समर्पित हों

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज जनपद लखनऊ की 130 आंगनवाड़ी केन्द्रों को जिला प्रशासन एवं ए0के0टी0यू0 से सम्बद्ध 26 इंजीनियरिंग कालेजों के सहयोग से वितरित की जाने वाली खेलकूद, पठन-पाठन एवं पोषण सामग्री के तीसरे व अंतिम चरण में 55 आंगनवाड़ी केन्द्रों में वितरण कार्यक्रम के साथ सम्पन्न हो गया। आज हुये वितरण कार्यक्रम में शेरपुर मोहनलालगंज में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। जबकि सरोजनीनगर के कल्ली पश्चिम प्रथम में निदेशक राज्य पोषण मिशन, गोसाईगंज के रकीबाबाद में महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, बीकेटी के सुवंशीपुर में विधायक श्री अविनाश त्रिवेदी, चिनहट के खरगपुर जागीर में अपर मुख्य सचिव राज्यपाल श्री महेश कुमार गुप्ता, माल ब्लाक के धुमचेरा में विधायक श्रीमती जयदेवी, काकोरी ब्लाक के बहरू में सांसद श्री कौशल किशोर तथा मलिहाबाद ब्लाक नई वस्ती में जिलाधिकारी श्री अभिषेक प्रकाश के निर्देशन में खेल, पठन-पाठन एवं पोषण सामग्री वितरित की गयी।
मोहनलालगंज के शेरपुर में राज्यपाल ने खेल एवं पोषण सामग्री वितरण के पश्चात कहा कि ये बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं इन्हें कुपोषण एवं क्षय रोग से मुक्त कराना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने संभ्रान्त लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं, अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अभियान चलाकर क्षय रोग एवं कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी समुचित देखभाल करें ताकि देश को 2025 तक कुपोषण मुक्त किया जा सके। उन्होंने जन सामान्य से भी अपील की कि वे भी अपने राष्ट्र धर्म का पालने करें तथा यदि कहीं पर भी कुपोषित एवं क्षय रोग से ग्रसित बच्चों को देखे तो तत्काल सूचना दें ताकि उन्हे गोद लेकर उनकी समुचित देखभाल हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम संस्कार, शिक्षा एवं आरोग्य के लिए समर्पित है। सरकार के द्वारा भी जो गोद भराई के कार्यक्रम कराये जाते हैं उनका एकमात्र यही उद्देश्य होता कि किसी भी दशा में कुपोषित बच्चा पैदा न हो। उन्होंने जनसमुदाय से अपील की कि गर्भवती महिलाआंे के पोषण हेतु जो सरकारी 5,000 की सहायता मिलती है उसका उपयोग पोषण के लिए ही करें। इसके साथ ही गर्भावास्था के समय से ही अच्छी शिक्षा एवं संस्कार दें। इस अवसर पर उन्होंने महाभारत के चक्रव्यूह तोड़ने के प्रसंग पर चर्चा के दौरान बताया कि अभिमन्यु ने गर्भ में ही चक्रव्यूह तोड़ने की शिक्षा सीख ली थी इसलिए यदि हम बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहते हैं तो हमें बचपन से बच्चों को कच्चे घड़े की तरह आकार देना होगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों का मैपिंग करने का निर्देश दिया ताकि उनमें सभी प्रकार की सूचनाएं दर्ज हो जायें। राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में तो सभी स्तर की सुविधाएं होती हैं लेकिन निचले स्तर पर ऐसा नहीं है हमें यह खाई पाटनी होगी और हमें अपने आंगनवाड़ी केन्द्रों को रूचिकर एवं बच्चों के लिए सुविधा सम्पन्न बनाना होगा। इस अवसर पर राज्यपाल नेे सहयोग करने वाले समस्त इंजीनियरिंग कालेजों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के मैपिंग से संबंधित साफ्टवेयर का लोकार्पण भी किया।
ज्ञातव्य है कि जिला प्रशासन एवं ए0के0टी0यू0 से सम्बद्ध 26 इंजीनियरिंग कालेजों के सहयोग से पूर्व में 8 जनवरी तथा 8 फरवरी को 40-40 आंगनवाड़ी केन्द्रों को खेल पठन-पाठन एवं पोषण सामग्री वितरित की गयी थी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रभास कुमार, ए0के0टी0यू0 के कुलपति श्री विनय कुमार पाठक, इंजीनियरिंग कालेजों को अध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य, जनप्रतिनिधि आंगनवाड़ी केन्द्र की महिलाएं एवं बच्चें उपस्थित थे।