उर्दू को भी कोविड वैक्सीन के प्रचार में शामिल किया जाए: दानिश सिद्दिकी

सहारनपुर। अदब की भाषा उर्दू को जहां सरकार द्वारा दूसरी भाषा का दर्जा दिया है, इससे उर्दू प्रेमियों में खुशी की लहर है। घंटाघर पर आयोजित एक सम्मान समारोह में उर्दू तालिमी बोर्ड के महासचिव दानिश सिद्दिकी ने कहा कि उर्दू को भी कोरोना वैक्सीन को प्रचार प्रसार शामिल किया जाये ताकि अधिकांश उर्दू प्रेमियों को भी कोविड वैक्सीन की जानकारी हो सके। उन्होंने कहा कि कोरोना बीमारी की रोकथाम पर वैक्सीन टीकाकरण चल रहा है जिसमे सरकार करोड़ों रुपया खर्च कर रही है उससे देश व प्रदेश की लगभग 30 फीसदी जनता तक संदेश नहीं जा पा रहा है। उत्तर प्रदेश में माननीय सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से उर्दू को दूसरी सरकारी भाषा का दर्जा दिया है। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, बंगाल, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र व दिल्ली सहित राज्यों में उर्दू को दूसरी सरकारी व कश्मीर में उर्दू पहली राज्य भाषा है इसलिए सरकार सभी विज्ञापन व जानकारी उर्दू में भी प्रकाशित करने के साथ टीवी पर भी उर्दू भाषा में जानकारी जनता तक पहुंचाएं। और कहा कि सरकार की जो मुस्लिम समुदाय के बच्चों की योजनाएं है, उनके प्रचार व प्रसार के लिए प्राइमरी स्कूलो व इंटर कॉलेजों में पब्लिसिटी करने की मांग की है। उन्होंने उर्दू भाषा को भी स्कूलों में अनिवार्य करने की मांग की है, क्योंकि आज भी कई राज्यों के स्कूलों कॉलेजों व दफ्तरों सहित कई जगहों पर रिकार्ड उर्दू में है।