उपभोक्ताओं को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक: शीतल टंडन

सहारनपुर। विश्व उपभोक्ता दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर उप्र उद्योग व्यापार मण्डल की जिला इकाई के उपभेाक्ता मंच की एक बैठक स्थानीय रेलवे रोड पर आयोजित की गई। जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, जिला महामंत्री संजय भसीन, जिला कोषाध्यक्ष अनिल गर्ग व जिला उपभोक्ता मंच के संयोजक मेजर एस.के.सूरी ने संयुक्त रूप से कहा कि रोजमर्रा की जिन्दगी मंे ऐसे अवसर आते है, जब प्रत्येक व्यक्ति उपभोक्ता के रूप में किसी दुकानदार से सामान खरीदता है या सरकारी विभाग में अपने काम के लिए जाता है। उपभोक्ताओं का शोषण न होने पाये, इसलिए आज के समय में यह अत्यन्त आवश्यक है कि उपभोक्ता जागरूक बनें व शोषण के खिलाफ आवाज उठायंे तथा सरकारी व व्यवसायिक दोनों प्रकार की सेवाओं में सुधार करके ही उपभोक्ता के हितों की रक्षा की जा सकती है। श्री टंडन ने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश व्यापार मण्डल के दिशा के अनुरूप व्यापार मण्डल द्वारा उपभोक्ता मंच का गठन पहले से ही किया गया है, जिसका प्रमुख उद्देश्य है कि किसी व्यापारी अथवा ग्राहक का अथवा किसी ग्राहक द्वारा व्यापारी का शोषण न किया जा सकें। उपभेाक्ता मंच इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां उपभोक्ता आंदोलन के अंतर्गत उपभोक्ताओं को अपने हितों की रक्षा के लिए अनेक अधिकार व संरक्षण मिले है, वहीं उपभोक्ताओं को अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना आवश्यक है, इससे उपभोक्ता व व्यापारी दोनों के हितों की रक्षा होगी एवं अनावश्यक विवाद नहीं होंगे। श्री टंडन ने कहा कि पूरे विश्व के उपभोक्ताओं के अधिकार प्रदर्शित करने को 15 मार्च 1962 में अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति जोन एफ0 कैनैडी द्वारा ऐतिहासिक घोषणा की गई थी और 1985 मेे संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी उपभोक्ता आंदोलन को मान्यता दी गई थी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मामलों से संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी एस.के मिश्रा तथा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अधिकारियों से वार्ता कर अनुरोध किया गया है कि उनके विभागों द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम प्रचार-प्रसार के व्यापक कार्यक्रम वर्ष भर चलने चाहिए। श्री टण्डन ने कहा कि बदलते परिवेश में आज के समय में मोबाइल और बैकिंग सेवाओं के अधिक प्रचलन के कारण उपभोक्ताओं को बहुत अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। आॅन लाईन की खरीददारी में भी उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा विशेष कदम उठाने जाने चाहिए। उन्होेंने कहा कि प्रदेश व्यापार मण्डल द्वारा व्यापारियों से अपने ग्राहकों के प्रति आचार संहिता को वर्षो पहले ही बना दिया गया था। क्योंकि मूल रूप से हर व्यक्ति एक उपभोक्ता है और व्यापार मण्डल का यह मानना है कि उपभोक्ता आंदोलन का मजबूत होना आवश्यक है। श्री टण्डन ने कहा कि इस विषय पर केन्द्रीय खाद्य एवं आपूर्ति व उपभोक्ता मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि उपभोक्ता मंत्रालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण जिला उपभोक्ता अदालतें मध्यम गति से काम कर रही हैं और जागरूकता के अभाव मंे कम उपभोक्ता शिकायतें करते हैं तथा जिला और राज्य स्तर पर उपभोक्ता अदालतों में जजों की कमी भी है साथ ही भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि उपभोक्ता के हितों के लिए केन्द्र व राज्य सरकार प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने चाहिए। ताकि उद्योग व्यापार द्वारा अधिक स्वस्थ वातावरण बनें और किसी भी व्यापारी के लिए ग्राहक भगवान का रूप होता है। क्योंकि उसी के कारण व्यापारी की रोजी रोटी चलती है और कोई भी व्यापारी अपने ग्राहक की नाराजगी नहीं चाहता। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा भी कहा गया था कि दुकानदार ग्राहक पर निर्भर है न कि ग्राहक, व्यापार परिसर में आने वाला ग्राहक सबसे महत्वपूर्ण आगन्तुक है। श्री टंडन ने कहा कि उपभोक्ता आंदोलन का ग्रामीण स्तर पर भी विस्तार होना चाहिए तथा उपभोक्ता कानून को सरल बनाया जाये। इस अवसर पर उपस्थित व्यापारियों ने जागरूक व्यापारी-जागरूक उपभोक्ता बनने की शपथ भी ली।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, संजय भसीन, अनिल गर्ग मेजर एस.के.सूरी, रमेश अरोडा, रमेश डाबर, बलदेव राज खुंगर, पवन कुमार गोयल,राजीव अग्रवाल, ललित पोपली, कर्नल संजय मिडढा, अभिषेक भाटिया, संजीव सचदेवा, संजय माहेश्वरी आदि व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।