प्रियंका सिंह से नहीं सम्भल रही तहसील धारा 144 को तोड़ लेखपालों ने किया प्रदर्शन।

अनिल श्रीवास्तव /फतेहपुर : जनपद के बिंदकी तहसील के जहां पर निर्वाचन सूची में नाम जोड़ने को लेकर तहसीलदार गणेश सिंह बिंदकी व भाजपा नेता अवधेश मिश्रा व उनकी पत्नी रेखा मिश्रा से तीखी बहस के बाद मामला गाली गलौज के साथ मारपीट तक आ पहुंचा जिसके बाद मामला बिंदकी कोतवाली पहुंचा जहाँ पर मामला काफी तूल भी पकड़ा जहाँ पर एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर अवधेश मिश्रा व उनकी पत्नी रेखा मिश्रा ने प्रार्थना पत्र भी दिया जिसके बाद दूसरे दिन बुधवार की सुबह लेखपालों का एक झुण्ड पूरे फतेहपुर जिले में धारा 144 लागू होने के बाद भी तहसीलदार बिंदकी के आवास का घेराव कर संविधान के नियमों को तार तार करने का जो प्रयास किया गया है वो बेहद शर्मनाक व निन्दनीय है ऐसे में जिले में बैठे आला अफसरों को तो बिन्दकी तहसील में बैठे अधिकारियों को सस्पेंड करते हुए इनसे जवाब तलब कर लेना चाहिए लेकिन ऐसा हो भी तो क्यों ? आपको बताते चलें कि यह जो वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई तो उसकी असल वजह क्या है ? यदि अधिकारियों द्वारा अपने अधिकारों का सही इस्तेमाल सही समय पर किया जाता तो ये गाली गलौज व मारपीट के जो आरोप तहसीलदार गणेश सिंह बिंदकी पर लगे शायद ये दिन जिले में बैठे आला अफसरों को न देखने को मिलते बताते चलें कि बिंदकी नगर से सटे जाफराबाद मोड़ में पड़ी विवादित भूमि जिस पर कुछ दबंग लोगों द्वारा अवैध तरह से कब्जा कर निर्माण करवा लिया गया है तो कुछ अभी भी बाकी है तो कुछ के मामले न्यायायल में विचाराधीन है उसके बावजूद निर्माण हो जाना तहसील प्रशासन पर कई सवालिया निशान खड़े करता है जबकि उक्त विवादित स्थल का मौका मुआयना खुद बिन्दकी मजिस्ट्रेट प्रियंका सिंह व तहसीलदार गणेश सिंह ने जाकर किया लेकिन निस्तारण न करना उनके गले की फांस बनना साबित हो गया तो इसी क्रम में दूसरी तरफ बिंदकी कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत बरेठी गांव में भी भूमि सम्बन्धित विवादित मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी लगातार तहसील प्रशासन व पुलिस प्रशासन की मदद से निर्माण कार्य का कराया जाना भी कई सवालिया निशान खड़े करता है यदि तहसील प्रशासन व पुलिस प्रशासन को उक्त सभी सम्बन्धित मामलों से पहले से किसी व्यक्ति द्वारा यदि अवगत भी कराया जाता है तो तहसील प्रशासन व पुलिस प्रशासन उल्टा अपने पद का दुरुपयोग कर उस व्यक्ति पर अपना रौब गाँठने से बाज नहीं आता जिसका आखिर में नतीजा ये निकला की तहसीलदार गणेश सिंह पर गाली गलौज,अभद्रता व मारपीट जैसे गम्भीर आरोप लगा जो कोई बड़ी बात नहीं है बल्कि जैसा अधिकारियों का आम जनता के प्रति रवैय्या रहा है वैसा ही उनको परिणाम स्वरूप उपहार मिलना भी स्वाभाविक है या फिर यूं कह सकते हैं कि जिसकी लाठी उसी की भैंस ये कहावत यहां पर सही बैठती दिखाई पड़ रही है जब तक आम जनता अपना दुखड़ा इन अधिकारियों के सामने रोता रहा तो अधिकारी अपने पद का रौब गाँठते रहे लेकिन जब खुद पर आई तो हाय राम कर अपना सीना ठोकते बजाते दिखाई पड़ने लगे। उक्त ग्राम बरेठी प्रकरण के सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी प्रियंका सिंह से बात की गई तो उनके द्वारा मीडिया से अभद्रतापूर्वक बात कर मीडिया को एकपक्षीय बात करने व उक्त प्रकरण में बहुत ही रुचि दिखाने की बात कह डाली जिसका परिणाम कहीं न कहीं देखने को तो मिलेगा ही तो वहीं थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह से बात कर जानकारी ली गयी तो उनके द्वारा मीडिया को बताया गया कि यह मामला राजस्व स्तर का है इसमें पुलिस कुछ नहीं कर सकती इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी बिंदकी प्रियंका सिंह से बात करें क्योंकि राजस्व का मामला तहसील स्तर से ही हल होगा मेरे द्वारा दोनों पक्षों का 151 का चालान किया जा चुका है उसके बाद भी उभय पक्ष यदि बाज नहीं आ रहा है और निर्माण कार्य निरन्तर कर रहा है तो इसकी शिकायत डायल 112 में करें या फिर उपजिलाधिकारी बिंदकी से करें राजस्व का मामला उन्हीं के स्तर से हल होगा !