NCL में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार


 सोनभद्र: एनसीएल में भर्ती कराने का झांसा देकर बेरोजगारों से मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के चार सदस्यों को मोरवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 4 लाख 90 हजार नकद, सोने की चेन सहित कई फर्जी लेटर हेड व मुहर आदि बरामद हुए हैं। बताया कि गिरोह के तार मध्य प्रदेश से यूपी के अनपरा तक जुड़े हैं। पूरे मामले का पर्दाफाश करने का दावा बुधवार को सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक विरेंद्र सिंह ने किया।एसपी ने बताया कि भागवत प्रसाद वर्मा निवासी एनसीएल कॉलोनी निगाही एवं कृष्णा प्रसाद साकेत निवासी चंदावल विंध्यनगर ने मुकदमा दर्ज कराया था कि रीवा निवासी सौरभ सिंह ने तीन माह पूर्व एनसीएल के बड़े अधिकारियों से परिचय की बात बताकर नौकरी दिलाने की बात की थी। उसके झांसे में आकर भागवत ने अपने पुत्र की नौकरी की बात उससे की।

बीते दिनों एनसीएल में आए ऑपरेटर पद के लिए तमाम बेरोजगारों ने आवेदन किया था। आरोपियों के झांसे में आकर भागवत ने अपने बेटे एवं उसके साथी प्रदीप पनिका की नौकरी के लिए उन्हें सात लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने ऑपरेटर व फिटर पद पर नियुक्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेटर दे दिए।
ज्वाइनिंग लेटर लेकर युवक एनसीएल मुख्यालय पहुंचे तब यह मामला खुला। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल और मुखबिर की मदद से मोरवा पुलिस ने सीधी के पास मुख्य आरोपी सौरभ सिंह (27) निवासी बरहदी थाना रामपुर कर्चुलियान, रीवा व उसके सहयोगी अनिल सिंह (45) निवासी ग्राम कुबरी, थाना कमर्जी, जिला सीधी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के सहयोगी एनसीएल कर्मी रविंद्र सिंह  एनसीएल दुद्धीचुआ कॉलोनी सेे पकड़ा गया। आरोपियों की निशानदेही पर मोरवा पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र छापने वाले एक प्रिंटिंग प्रेस अनपरा के मालिक बृजेश भारद्वाज निवासी ग्राम परासी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 4 लाख 90 हजार रुपये नकद,  एक तोला सोने की चेन, तीन मोबाइल, फर्जी नियुक्ति पत्र, एनसीएल के अधिकारियों की सील, एनसीएल अस्पताल की मेडिकल बुक बरामद की गई है।