एमएसपी को लेकर कुछ लोग किसानों के मन में संदेह पैदा कर रहे हैं: शेखावत

लखनऊ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को कहा कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर कुछ लोग किसानों के मन में संदेह पैदा कर रहे हैं लेकिन सच यह है कि एमएसपी में डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। शनिवार को यहां भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने केंद्रीय कृषि कानूनों की पुरजोर वकालत करते हुए कहा, कृषि कानूनों को काला कानून बताने वाले जो लोग कृषि के क्षेत्र के जानकार हैं, वे आकर बताएं कि इसमें काला क्या है। शेखावत ने कहा, ऐसी राजनीतिक पार्टियां जिन्हें जनता ने नकार दिया है या जिन्हें भविष्य में नकारे जाने का डर है, वही लोग इसे मुद्दा बना रहे हैं और संशोधित नागरिकता कानून की तरह इसको लेकर भी भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण एवं उनकी आय को दोगुना करने के लिए कटिबद्ध है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत 2021-22 के बजट की सराहना करते हुए जल शक्ति मंत्री ने कहा, देश को आात्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से यह बजट पेश किया गया है और जब भी आात्मनिर्भर भारत का इतिहास लिखा जाएगा तो यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। केंद्रीय बजट पर केंद्रित पत्रकार वार्ता में शेखावत ने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था ने दुनिया में नया आदर्श प्रस्तुत किया है और आपदा को अवसर में बदलने तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तुत किया है। उन्होंने दावा किया कि देश की सरकार ने विपरीत परिस्थितियों में साहसिक बजट पेश किया और किसी उपभोक्ता पर एक रुपये का नया कर नहीं लगाया। बजट में प्रस्तुत योजनाओं को सिलसिलेवार गिनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बजट के जरिये गांव, गरीब, किसान, महिला, मजदूर, दलित, शोषित और पीड़ित के हित को महत्व दिया गया है। कोरोना काल में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए शेखावत ने कहा कि आम बजट में उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ दिया गया है। उन्होंने अनुसूचित जनजाति बहुल इलाकों में एकलव्य विद्यालय खोले जाने की चर्चा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बिजनौर, सोनभद्र और श्रावस्ती में चार नये एकलव्य विद्यालय खोलने का फैसला किया है और पहाड़ी इलाकों में इसके लिए 48 करोड़ रूपये और मैदानी इलाकों में 38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में जल जीवन मिशन (शहरी) भी आरंभ किया है जिसका फायदा सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश को मिलेगा।