गरीबों के राशन को बाखूबी डकार रहे राशन माफिया

सहारनपुर। एक तरफ तो सरकार नये-नये परिवर्तन लाकर गरीबो को उनका हक दिलाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन जिला पूर्ति विभाग में इस कदर कालाबाजारी का खेल चल रहा है कि गरीबों को आवंटित होने वाले राशन को राशन डीलर ही डकार रहे हैं। ज्ञातव्य हो कि जिला पूर्ति विभाग में बायोमेट्रिक होने के बाद काला बाजारी रूकने का ढोल पिट रहा है लेकिन कई डीपू संचालक ऐसे हैं, जिनको बायोमैट्रिक के फरमान को भी ताक पर रखकर धड़ल्ले से राशन की कालाबाजारी कर गरीबों का हक डकार रहे हैं। इतना ही नहीं डीपू होल्डर जिला पूर्ति विभाग की आखों में लगातार धूल झोंकने का काम रहे है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौहल्ला खानआलमपुरा नई बस्ती में राशन डिपू संचालक महरोज अहमद नया खेल खेल रहा है और गरीबों का राशन धडल्ले से डकार रहा है। डीपू संचालक गरीब लोगो के प्रत्येक राशन कार्ड का एक यूनिट डकार जाता है अगर कोई उससे सवाल करता है तो लोगो को उनका कार्ड कैंसिल करने की धमकी देता है। इतना ही नहीं अब उन गरीब लोगो की जेब पर भी नज़र रखते हुए कुछ लोगो को साथ में लगा कर कार्ड धारको के घर जाकर विभागीय कर्मचारी की विजिट बता कर अवैध वसूली करता है। क्या पूर्ति विभाग को इस काला बाजारी की खबर है या नहीं। पूर्ति विभाग की शह प्राप्त कर ये लोग अपने इस काले धंधे को आगे बढ़ा रहे है।

 राशन के प्रति एक दुकान पर सरकार की और से परिवार के प्रतिव्यक्ति के लिए 5 किलो गेहु आता है मगर कुछ लोग अपनी लालच के लिए इन गरीबो के हक के साथ न इंसाफी करते है वे इस राशन में से कटौती करते है और उनको पर्याप्त मात्रा में राशन न देकर कम मात्रा में राशन दिया जाता है और अपनी काला बाजारी को बढ़ावा देते है। कुन्तलों की मात्रा में आये राशन को गरीब लोगो को न देकर दुकानों पर बेच देते है और मुनाफा कमाते है और सरकारी जांच का नाम लेकर लोगो से ठगी से पैसे लेने भी शुरू कर दिए द्यक्या इन ठगों की काला बाजारी और ठगी का खेल ऐसे ही चलता रहेगा। ये गरीबो का हक मर कर खुद अपने पेट और तिजोरी दोनों भरते रहेगेद्य क्या पूर्ति विभाग को इस सम्बन्ध में जानकारी होने के बाद भी वो इस मामले पर कोई कार्यवाही करेगे या इन ठगों के सर पर अपना हाथ रखकर इन लोगो को शय देगे। उधर जब इस मामले को जिला पूर्ति अधिकारी के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने की बात कही है।