पुलवामा के शहीद

हे पुलवामा के वीरों

तुम्हारे बलिदान को

शत शत प्रणाम


  दुष्टों ने धोखे से

तुम पर वार किया

उन्हें तुम्हारे पराक्रम से

कितना  भय था

जो घात लगाकर

अंजाम दिया


जानते बखूबी थे

शिराओं में बहती

देश प्रेम और वीरता से

खूब परिचित थे

तुम्हारे बल शौर्य

से किंचित नहीं

अपरिचित थे


इसीलिए धोखे का

सहारा इंतजाम किया

और अपनी कायरता

बुजदिली को अंजाम दिया


काश कि थोड़ी हिम्मत

वह नपुंसक दिखाते

सामने से लड़ते

फिर उन्हें उनकी

औकात समझाते


उन कायरों के लिए तो

आम हिंदुस्तानी काफी थे

धोखे की बात अलग

वरना कब के ढेर  थे

वह ठहरे गीदड़ और

तुम तो बब्बर शेर थे


बारूद से तुम्हारी

देह नहीं पूरा देश जला था

हर कोई की आंख मे

तुम्हारा दर्द पीड़ा बनके

छलका पड़ा था


जय महान वीरो

तुम भारत माता के

ललाट के तिलक हो

तुम हमारे धमनियों में

वीर रस बनके

निरंतर सम्मिलित हो


रेखा शाह आरबी

उत्तर प्रदेश जिला बलिया