चिकोटी

डाकू के अन्याय से,
मुक्ति मुक्ति का शोर।
पड़ जाता कमजोर तब,
जब विकल्प में चोर।
जात के दिख जाते हैं।
इरादे डिग जाते हैं।

धीरु भाई