मुख्यमंत्री ने टीकाकरण कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 से बचाव एवं उपचार की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के सम्बन्ध में पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत समस्त कार्यवाही सुचारु ढंग से जारी रखी जाए। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समस्त कोविड चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। कोविड चिकित्सालयों में औषधियों, मेडिकल उपकरणों तथा ऑक्सीजन की बैकअप सहित पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कोरोना टेस्टिंग कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में टेस्टिंग कार्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सर्विलांस सिस्टम तथा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का कार्य पूरी सक्रियता से किया जाए। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में जागरूकता कार्यक्रम को जारी रखने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ‘108’ तथा ‘102’ एम्बुलेंस सेवाओं को बेहतर किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इतनी विशाल एम्बुलेंस सेवा को केन्द्रीकृत नहीं रहना चाहिए। एम्बुलेंस सेवा के सुचारु संचालन के लिए इसे विकेन्द्रीकृत किए जाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सभी अस्पतालों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम दिन प्रदेश में पोलियो बूथ पर 0-5 वर्ष आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी गई। दूसरे दिन अर्थात आज से, अभियान के छठें दिन तक टीमों द्वारा घर-घर भ्रमण कर लक्षित आयु वर्ग के बच्चों का पोलियो टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने इस कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्य मंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।