योगी ने एमएसपी के अंतर्गत धान खरीद की कार्यवाही तेजी से संचालित करने के दिए निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम0एस0पी0 के अन्तर्गत धान खरीद की कार्यवाही तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को 72 घण्टे के अन्दर उनकी उपज के मूल्य का भुगतान हो जाए। उन्होंने गेहूं क्रय वर्ष 2021-22 के दौरान की जाने वाली खरीद कार्यवाही की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने वरासत अभियान की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए अभियान को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्विवाद उत्तराधिकार को खतौनियों में दर्ज करने की कार्यवाही निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार सहारनपुर, अलीगढ़ तथा आजमगढ़ में राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना करा रही है। उन्होंने कहा कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना के सम्बन्ध में सभी आवश्यक कार्यवाही तेजी से की जाए। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े सभी कार्यों की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के पुरातन, ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व के दृष्टिगत केन्द्र व राज्य सरकार इसके प्राचीन गौरव के अनुरूप प्रतिष्ठित करने का कार्य कर रही हैं। अयोध्या के विश्वस्तरीय विकास के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने अयोध्या की विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 के केन्द्रीय बजट में मेट्रो लाइट तथा मेट्रो नियो परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के स्वागत योग्य प्राविधान  किए गए हैं। उत्तर प्रदेश को इस नवीन परिवहन प्रणालियों का लाभ लेना चाहिए। इससे प्रदेश के नगरों में बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेश में मेट्रो लाइट तथा मेट्रो नियो परियोजनाओं के संचालन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के केन्द्रीय बजट में जल जीवन मिशन को विस्तारित करते हुए इसका क्रियान्वयन शहरी क्षेत्रों में भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश के नगरीय इलाकों को लाभान्वित करने के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि की व्यवस्था सम्बन्धी समस्त कार्यवाही को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाना है। इसके दृष्टिगत भूमि की व्यवस्था की समस्त कार्यवाही समयबद्ध ढंग से प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अपने जनपद के गो-आश्रय स्थलों तथा गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत अधिक से अधिक राजस्व ग्रामों में दुग्ध समितियों के गठन की कार्रवाई की जाए। इससे डेयरी सेक्टर का विस्तार होगा और पशुपालक लाभान्वित होंगे। बैठक में स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस0 गर्ग, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, राहत आयुक्त संजय गोयल, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।