किसान संगठनों ने शांतिपूर्ण किया विरोध प्रदर्शन

- प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

सीतापुर। नए किसान अध्यादेशों के विरुद्ध चल रहे किसान आंदोलन के तीसरे माह तक निराकरण न होना इस बात का प्रमाण है कि शासन किसानों के प्रति हठधर्मिता दिखा रहा है। वह अपनी तानाशाही कायम कर लोकतंत्र की हत्या करने पर आमादा है। यह बात भारतीय किसान मंच प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपने के दौरान कहीं है! किसान मंच ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन एसडीएम अमित भट्ट को सौंपा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि अपने ही किए गए वादों से मुकर कर सरकार आखिर सिद्ध क्या करना चाहती है। जिला अध्यक्ष अंबुज श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसान आन्दोलन में शहीद हो चुके दो सौ से अधिक किसानों की आत्माएं हिटलर शाही शासन को बद्दुवाएं दे रही होगी। 

किसान विरोधी पारित प्रस्तावों की वापसी ही हम सभी मांग है। महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अल्पना सिंह ने शहीद हो चुके किसानों के परिवारों को मुवावजा देने की बात कही। प्रदेश प्रवक्ता सचेन्द्र दिक्षित ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर लोक तंत्र की हत्या करने पर आमादा है। मंडल संयोजक जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि अन्नदाता की उपाधि से जाने्जाने वाले किसान भाइयों की हो रही प्रताड़ना भविष्य में भाजपा को बहुत महंगी साबित होने वाली है। बैठक में मंडल मीडिया प्रभारी दिनेश शुक्ला, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष शोभा लोधी, मंडल अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ शैलेन्द्र राज, ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर मोहित सिंह,रामू सिंह, अनिल सिंह, विनोद कुमार, कमलेश कुमार, मंजरी मौर्य, राम औतार आदि मौजूद रहे।