लोकसभा में स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा में गुरुवार को किसान आंदोलन के मुद्दे पर सरकार पर जमकर बरसे. इसके जवाब में केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से तीखा हमला किया. केंद्रीय मंत्री ने उन पर झूठ की नींव पर इमारत खड़ी करने एवं सदन की गरिमा को नजरंदाज करने का आरोप लगाया. 

स्मृति ईरानी ने संसद में दिए गए अपने भाषण का ट्विटर पर वीडियो शेयर किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "बजट में बस सेवा को सुदृढ करने के लिए प्रावधान पर चर्चा करने की जगह उठकर जाने वाले सज्जन 30 साल में अमेठी में तिलोई बस अड्डा तक बना नहीं पाए. जहां उनकी चार पीढ़ी अमेठी को सिर्फ सपना दिखाती रही, वहीं दूसरी तरह मोदी जी के कार्यकाल में सड़क एवं रेल मार्गों का जाल बिछाया गया." 

केंद्रीय मंत्री ने संसद में कहा कि इस बजट को जिसको पीठ दिखाकर गए हैं वो सज्जन, इसमें छोटा सा प्रावधान है, 18,000 करोड़ रुपये बस की सेवा को सुदृढ़ करने के लिए दिया जाएगा, पीठ दिखाकर चले गए, बस की सुविधा को सुदृढ़ करने पर चर्चा नहीं की, बड़े लोग हैं. एक सत्य यह है कि अमेठी में 30 साल से तिलोई का बस अड्डा नहीं बना पाएं." उन्होंने कहा कि चर्चा कर लीजिए "दूध का दूध और पानी का पानी" हो जाएगा. 

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, लोकसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने और जोड़ने वाला है जिसे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सदन में ‘पीठ दिखाकर' चले गए. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति झूठ की नींव पर कितनी बड़ी इमारत बना सकता है और सदन की गरिमा का बिल्कुल ख्याल नहीं रखते हुए संसद से पारित कानून को किस तरह काला कहता है, यह आज देखने को मिला. 

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को तीन विवादित कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इन कानूनों से मंडिया खत्म हो जाएंगी और कृषि क्षेत्र कुछ बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ‘‘सालों पहले परिवार नियोजन का नारा था, हम दो हमारे दे. जैसे कोरोना दूसरे रूप में आता है उसी तरह यह नारा फिर से आया है. यह हम दो, हमारे दो की सरकार है.'' राहुल गांधी ने कहा कि सदन में किसान आंदोलन पर चर्चा नहीं कराये जाने के विरोध में वह ‘बजट पर चुप रहेंगे. 

इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने निचले सदन में कहा कि कुछ लोग हतप्रभ हैं कि बजट पर चर्चा है, तो कोई क्यों चर्चा नहीं करे. लेकिन जिस व्यक्ति ने अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र अमेठी की सुध नहीं ली, वह बजट पर क्या चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि देश में जब महामारी आई, तब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह चिंता की कि कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोए और उन्होंने गरीब कल्याण पैकेज के जरिये आठ महीने तक 80 करोड़ लोगों तक अनाज पहुंचाने का काम किया. 

राहुल गांधी का नाम लिये बिना स्मृति ने कहा ‘‘लेकिन इस व्यक्ति को यह स्वीकार नहीं है कि 80 करोड़ लोगों तक अनाज कैसे पहुंच गया जिसमें 3.18 लाख अमेठी के लोग भी थे.'' कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर प्रहार जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति ने कहा कि उनका बजट से कोई सरोकार नहीं है. ऐसा इसलिये है कि यह बजट आत्मनिर्भर, स्वस्थ्य योजना वाला बजट है.

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि ‘‘जो सज्जन आज बाल हठ का उदाहण दे रहे थे, उन्होंने पूर्व में सांसद रहते हुए, इस क्षेत्र के विकास के लिये कुछ नहीं किया. यह क्षेत्र चार पीढ़ियों तक रेल लाइन की मांग को पूरा किये जाने का इंतजार करता रहा.''उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन उद्योग के नाम पर मांगी गयी लेकिन ट्रस्ट के लिये उसका उपयोग कर लिया. स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘ ये बजट देश को जोड़ने वाला बजट है, तोड़ने वाला नहीं. यह देश को आत्मनिर्भर बनाने का बजट है.''