टीबी का इलाज कराने के लिए भटक रहे मरीज ।

मेंहनगर आजमगढ़। स्थानीय तहसील  मेहनगर मे सामुदायिक  स्वास्थ्य केंद्र मेहनगर के डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार  की  लापरवाही से टीबी के मरीज  इधर उधर डाक्टर को ढुढ़ते हुए प्रतिदिन नजर आते है। मरीज हार थक कर मायुस होते हुए अपने घर को लौट जाते है। लालबहादुर , शैलेंद्र कुमार रणजीत आशादेवी रोशनी आदि टीबी  की दवा लेने के लिए दूर दराज से आते है । और वापस चले जाते है आज रोशनी देवी लालबहादुर  ने बताया कि हम लोग तीन बार से वापस चले जाते है । डॉक्टर  साहब  का कोई  ठिकाना नही रहता ,की वे कब आयेगे। मनमाने ढंग  से महीने मे शायद ही कभी आते है और उन लोगो ने बताया कि टीबी की  दवा छुटनी नही चाहिए  लेकिन  तीन चार बार से दवा नही मिलती है ।

जिसकी शिकायत  मरीजो ने अधिक्षक डाक्टर  देवमणि से किया। अधिक्षक महोदय  के सामने भी कोई  ना कोई  मजबूरी दिखाई  दी  मरीजो को ही समझाते हुए  दिखाई  दिए  । एक तरफ  मुख्यमंत्री  जी का मरीजो को समय से  टीबी के  मरीजो को  दवा देना प्राथमिकता  है । लेकिन  डॉक्टरो की लापरवाही  के  कारण  सम्भव  नही है।  यदि यही दशा रही  तो  अब मरीज ही नही  आयेंगे। मरीजो  ने बताया कि  एक दिन का किराया  साठ रूपए  लगते है लेकिन  जब यहाॅ  आने के बाद  पता चलता  है  कि  डॉक्टर  साहब नही है तो हम लोगो के दुःख  का  कोई  ठिकाना  नही  रहता । इतना  ही  नही  सरकार  की  तरफ से  मरीजो  को  खाने के  लिए  पांच  सौ रुपए  मिलते है लेकिन  मरीजो  ने बताया  कि  एक भी पैसा हम लोगो  के  खाते मे नही गया। इसके लिए भी हम लोग  बैंक का चक्कर  लगाते रहते है।