शिक्षित और जागरुक होने से समाप्त होगा भ्रूण हत्या जैसा जघन्य अपराध: जिलाधिकारी

मण्डल स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता में अनन्या मिश्रा को प्रथम, नैन्सी निषाद को मिला द्वितीय स्थान

आज़मगढ़ : जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा है कि महिलायें शक्तिशाली होने के बावजूद अबला और आशक्त होने की हीनभावना से ग्रसित होने के बजाय अपनी शक्ति को पहचानें तथा सकारात्मक कार्यों के प्रति समाज को जागरुक करें। वह मंगलवार को मण्डलायुक्त कार्यालय के सभागार में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (एनसी एण्ड पीएनडीटी) के अन्तर्गत राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष में आयोजित मण्डल स्तरीय लिंग संवेदीकरण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षण संस्थाओं में आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता के फाइनल राउण्ड हेतु शिब्ली नेशनल कालेज, सेंट जावियर्स कालेज, गांधी पीजी कालेज मालटारी, सर्वोदय पब्लिक स्कूल से चयनित कुल 12 छात्राओं की वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजित की गयी, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा कन्या भू्रण हत्या, दहेज प्रथा, समाज में महिलाओं की स्थिति, महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और उनके निदान, महिला सुरक्षा, सामाजिक संरचना में महिलाओं की भूमिका आदि विषयों पर संवाद किया गया। उक्त प्रतियोगिता में सर्वाेदय पब्लिक स्कूल की अनन्या मिश्रा को प्रथम तथा सेंट जावियर्स कालेज की नैन्सी निषाद को द्वितीय मिला, जबकि तीन प्रतिभागियों शिब्ली नेशनल कालेज की राशीका अख्तर व सदफ शाहीन एवं गांधी पीजी कालेज मालटारी की अन्तिमा मौर्य को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत करने के साथ ही अन्य प्रतिभागियों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया।

      कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से सती जैसी कुप्रथा को समाप्त कर दिया गया है उसी प्रकार से भ्रूण हत्या को भी आपसी सूझबूझ, जनजागरुकता, शिक्षा, सामन्जस्य से भू्रण हत्या को समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए लिंग परीक्षण करते और कराते हैं, जो कानूनन अपराध है। उन्होंने उपस्थित छात्राओं, अध्यापिकाओं, अधिकारियों आदि से कहा कि यदि कहीं लिंग परीक्षण किये जाने की आप लोगों को जानकारी मिले तो उसे संज्ञान में लायें, पूरी गोपनीयता बनाये रखते हुए सम्बन्धित के विरुद्ध सुसंगत अधिनियमों के अन्तर्गत निश्चित रूप से कार्यवाही की जायेगी। इसी क्रम मंे उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, सिफ्सा, एनएचएम के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि इस ओर आमजन को निरन्तर जागरुक किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए समाज के सभी वर्ग को पूरी तरह संवेदनशील होना जरूरी है। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए डा. माधुरी सिंह ने महिलाओं को व्यवसायिक शिक्षा, तकनीकी शिक्षा आदि के साथ ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरुक होने की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे पूर्व जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत् शुभारम्भ किया गया तथा समाज से कुरीतियों को समाप्त करने, बेटे बेटियों में भेदभाव न करने आदि के सम्बन्ध में शपथ भी दिलाई गयी।

      इस अवसर पर अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. मुहिब्बुल्लाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मऊ डा. एससी सिंह, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डा. पीके मिश्र व डा. मनीष शाह, एडीशनल सीएमओ डा. वाईके राय, महिला चिकित्सालय की सीएमएस डा. मंजुला सिंह, मण्डलीय प्रबन्धक सिफ्सा अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, मण्डलीय स्वास्थ्य परामर्शदाता आशीष त्रिपाठी व सुरेश कुमार, बीएल यादव, संयज यादव, प्रकाश चन्द यादव आदि उपस्थित थे।