खराब रिश्ते में...

जितने जलील!!
हम एक 'खराब रिश्ते' में होते हैं,
उसकी तुलना में जमाने भर की
ज़लालत कुछ नहीं।

जितने बेबस!!
हम एक 'खराब रिश्ते' में होते हैं,
उसकी तुलना में जमाने भर की
बेबसी कुछ नहीं।

जितने तन्हा!!
हम एक 'खराब रिश्ते' में होते हैं,
उसकी तुलना में जमाने भर की
तन्हाई कुछ नहीं।

जितने निराश!!
हम एक 'खराब रिश्ते' में होते हैं,
उसकी तुलना में जमाने भर की
निराशा कुछ नहीं।

जितेन्द्र 'कबीर'
संपर्क सूत्र - 7018558314