बंदूक से आंख फोड़ने पर सात वर्ष की कैद


बांदा। भजन-कीर्तन में ढोलक बजाने वाले की बंदूक की नाल से आंख फोड़ देने के जुर्म में दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश ने सात वर्ष की सश्रम कैद और 40 हजार रुपये जुर्माना किया है। एडीजीसी देवदत्त मिश्रा के मुताबिक, शहर कोतवाली क्षेत्र के कतरावल गांव में 9 सितंबर 2014 को तड़के देवरा बाबा देव स्थान में भजन-कीर्तन चल रहा था। गांव का नंदराम राजपूत ढोलक बजा रहा था। तभी गांव के ही पिता-पुत्र लालजी व धनंजय उर्फ गुल्लू ने ढोलक अच्छी न बजने का आरोप लगाते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया। अवैध बंदूक की नाल से आंख फोड़ दी। दोनों के विरुद्ध हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना में पुलिस ने धनंजय उर्फ गुल्लू को क्लीनचिट दे दी। लालजी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने 7 गवाह पेश किए। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने लालजी को 7 साल की कैद और 40 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर तीन माह की जेल और होगी। एक धारा में 2 वर्ष की कैद व 2 हजार जुर्माना, एक अन्य धारा में 5 वर्ष की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। जुर्माना न दे पाने पर क्रमशरू 20-20 दिन की और कैद होगी। जुर्माने की 90 फीसदी राशि पीड़ित के आश्रितों को दी जाएगी। दोषी को जेल भेज दिया गया।