राजस्व देने वाला भेड़ी खुर्द मार्ग ध्वस्त


उरई/जालौन। करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष राजस्व देने वाला कदौरा भेड़ी खुर्द मार्ग लगभग एक दशक से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। हालत यह है कि सड़क पर गहरे गहरे गड्ढों हो गए हैं। इसमें पैदल निकलना भी दूभर है जबकि इस मार्ग पर कई खनन घाट है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक निकलते हैं। कदौरा से भेडी खुर्द का करीब 11 किलोमीटर का मार्ग गड्ढों में तब्दील है। यह सड़क क्षेत्र का मुख्य मार्ग है। यहां से करीब आधा दर्जन गांवों के लोग कस्बे से जुड़ते है। इनमें भेड़ी खुर्द, महमूदनगर, उकुरुवा, डाले का पुरवा, बड़ागांव आदि प्रमुख हैं। कई बार ग्रामीणों ने इस ध्वस्त सड़क को ठीक कराने की मांग की, लेकिन किसी ने भी सुध नहीं ली। छह माह पूर्व जब ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग को लेकर हंगामा किया था तो प्रशासन ने पैचवर्क का काम शुरू करा दिया था। हालांकि यह सिर्फ खानापूर्ति रहा। अधिकारियों ने गडढ्े में मिट्टी डाल कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जो चंद दिनों में ही उखड़ गई। सड़क खराब होने से ग्रामीणों को कस्बे तक आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश में तो यहां के हालात और खराब हो जाते हैं। इससे प्रशासन को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है क्योंकि यहां भेड़ी व बड़ा गांव खदानें हैं, जहां से तमाम ट्रक रोजाना निकलते हैं। महेंद्र सिंह निवासी डाले का पुरवा कहते हैं कि सड़क के गड्ढे देख कर पैदल चलने में डर लगता है, कई मर्तबा यह गड्ढे हादसों का कारण बन चुके हैं। इसके बाद भी कोई सुनने वाला नही है। कदौरा निवासी संजय गौतम कहते हैं कि दो जनपदों की बार्डर सीमा होने के कारण अधिकारी इस सड़क के निर्माण पर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे बाश्ंिादों को खस्ताहाल सड़क से जूझना पड़ रहा है। सुल्तान अली कहते हैं, कि मौरंम भरे ट्रक निकलने से उड़ने वाली धूल से दमा के मरीज बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि इस सड़क से ट्रक निकलते हैं तो धूल की वजह से आगे का दिखना भी बंद हो जाता है। इस संबंध में अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग बृजेंद्र कुमार ने बताया कि कदौरा से भेड़ी खुर्द सड़क के निर्माण के लिए कार्य योजना तैयार हो गई है। सीसी सड़क बनाने के लिए एस्टीमेट बना कर शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।