इन्तजार

जिसका हमें था इन्तजार,

किसके लिए सब थे बेकरार।

वो घड़ी आ गई आ गई,

बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे,

पुष्प उपवन के मुस्काएँगे।


कक्षाएं फिर से गुनगुनाएँगी सारी,

उदासी सारी मिट जाएगी हमारी।

चारों तरफ फिर गूँजेगी किलकारी,

ओ............…....

बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे,

पुष्प उपवन के फिर मुस्काएँगे।


जिसका हमें...............


टी एल एम से कक्षाएँ हम सजाएंगे,

कविता कहानी बच्चों को सुनाएंगे।

भूल गए अब तक वो याद दिलाएंगे,

ओ...............

बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे,

पुष्प उपवन के फिर मुस्काएँगे।

जिसका हमें...............


दीप शिक्षा के फिर से जल जाएंगे,

दीवाली खुशियों की हम मनाएँगे।

खेल खेल में बच्चों को पढ़ाएंगे,

ओ.................

बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे,

पुष्प उपवन के फिर मुस्काएँगे।


जिसका हमें.................


देश का भविष्य हम सब निखारेंगे,

किस्मत नन्हे मुन्नों की हम संवारेंगे।

धर्म हम शिक्षक का निष्ठा से निभाएँगे,

ओ..............


जिसका हमें था इन्तजार,

किसके लिए सब थे बेकरार।

वो घड़ी आ गई आ गई,

बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे,

पुष्प उपवन के मुस्काएँगे।


स्वरचित 

सपना (स. अ.)

प्रा.वि.-उजीतीपुर

वि.ख.-भाग्यनगर

जनपद-औरैया