उत्तर प्रदेश मऊ की बेटी रीता तिवारी "रीत" को मिला "श्रेष्ठ रचनाकार" का सम्मान

उत्तर प्रदेश, मऊ में स्थित ग्राम-  फरसरा बुजुर्ग में पैदा हुई श्री अवधेश तिवारी की पुत्री रीता तिवारी "रीत" जी  शुरू से ही साहित्य के क्षेत्र में एवं पठन-पाठन में कुशल छात्रा रही हैं| उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया है| उनकी रचनाएं प्रतिष्ठित समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं| कनाडा से प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित पत्रिका "साहित्य कुंज" में उनकी कई कविताएं एवं स्मृति लेख प्रकाशित हो चुके हैं| इसके साथ ही भारत की प्रतिष्ठित  पत्रिकाएं साहित्य वसुधा, साहित्य सुधा, अनहद साहित्य और जय विजय पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं |साहित्य के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देने के कारण उन्हें "वर्तमान अंकुर परिवार" की ओर से "श्रेष्ठ रचनाकार" का सम्मान पत्र प्राप्त हुआ है| इसके साथ ही "साहित्य वसुधा" के साप्ताहिक आयोजनों में सहभागिता हेतु  उन्हें कई "प्रशस्ति पत्र" से सम्मानित किया जा चुका है| "अखिल भारतीय साहित्य परिषद अजमेर राजस्थान" से प्रकाशित साझा काव्य संकलन "मेरा देश" में उनकी रचना "भारत की गौरव गाथा" प्रकाशित होने पर संस्था की ओर से  "श्रेष्ठ रचनाकार" का सम्मान पत्र प्रदान किया गया है| बेल्जियम से ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में सहभागिता हेतु उन्हें "सम्मान प्रशस्ति पत्र" से सम्मानित किया गया है| उनकी इस उपलब्धि पर  उनके पिता श्री अवधेश तिवारी एवं माता प्रतापी देवी गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं| इसके साथ ही उनके मित्र एवं शुभचिंतक भी बधाइयां देते हुए गौरव का अनुभव कर रहे हैं|