बिन पानी सब सून

बिन पानी सब सून 2
है बहुत जंगल बड़े
पेड़ पेड़ जा रहे कटे
बिन पानी सब सून2
बिजली बने पानी से
न होता पानी तो बिजली कहां
होता अंधेरा घर बाहर
बिन पानी सब सून2
गर पड़ जाये सूखा बड़ा
नदियों में पानी कम रहा
कृषि को भी हो मुश्किल
बिन पानी सब सून2
रेगिस्तान को जाए क्या कहा
बंजर भूमि भी बहुत यहां
मानव पानी बचाए जा
बिन पानी सब सून2
पानी चाहिए हर काम को
खेती भोजन स्नान और
जीवन के अनेक कार्यों को
बिन पानी सब सून2
पानी बचाना बहुत जरूरी
अगर पानी नहीं रहा तो
जिंदगानी फिर जिंदगानी कहां
बिन पानी सब सून
बिन पानी सब सून

पूनम पाठक बदायूं
इस्लामनगर बदायूं उत्तर प्रदेश