हसनगंज पुलिस द्वारा निर्मम पिटाई मामले में मानवाधिकार आयोग को शिकायत

लखनऊ। एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने ड्राईवर ओमजी रस्तोगी को थाना हसनगंज, लखनऊ द्वारा दिए गए थर्ड डिग्री उत्पीडन के संबंध में रास्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत की है. अपनी शिकायत में नूतन ने कहा कि ओमजी रस्तोगी का कहना है कि वे अंकुर सिंह नामक डॉक्टर की गाड़ी चलाते थे, जिनके द्वारा उनका पैसा नहीं दिया गया. इस पर वे वर्ष 2018 से पुलिस को लगातार शिकायत कर रहे थे किन्तु अब तक कोई कार्यवाही नहीं थी. ओमजी रस्तोगी के अनुसार उन्हें पूर्व में भी 22 अगस्त 2018 की रात में पुलिसवालों ने अंकुर सिंह के घर बुला कर बुरी तरह मारा था और फर्जी कट्टा दिखा कर चालान कर दिया था. इस संबंध में उन्हें 10 फरवरी 2021 को थाना हसनगंज पुलिस द्वारा कट्टा मामले में मदद करने के नाम पर बुलाया गया. जब वे थाने गए तो उन्हें 4-5 पुलिसवालों ने पट्टा और डंडों से बेरहमी से मारा गया और कहा कि यह सीएम हेल्पलाइन पर बहुत शिकायत करता है। नूतन ने कहा कि जब ओमजी रस्तोगी की शिकायत लखनऊ पुलिस के पास पहुंची तो लखनऊ पुलिस ने इस संबंध में कार्यवाही करने के स्थान पर पूरे मामले में लीपापोती की और पुलिसवालों को बचाने का प्रयास किया है। नूतन ने कहा कि जब पीड़ित व्यक्ति स्वयं कह रहा है कि उसे थाने पर बुला कर निर्मम पिटाई की गयी तो उसकी बात सुनने तथा पुलिसवालों पर कार्यवाही करने के स्थान पर उनका बचाव करना सर्वथा अनुचित है. अतः उन्होंने आयोग से इस प्रकरण की स्वयं जाँच किये जाने की मांग की है।