समीकरण बदल जाएगा

बेशक!
पैसों से खरीदा जा सकता है
बहुत सारा अन्न,
इसीलिए अपने देश में
हैसियत है मालिक जैसी धनवानों की
और गुलामों से मिलती-जुलती
अन्न पैदा करने वालों की,
जिस दिन अन्न पैदा करने वाला
उसे बेचने से मुकर जाएगा
तो पैसे वाला पैसे खा कर
अपनी भूख मिटा पाएगा या नहीं,
यह देखना दिलचस्प रहेगा।

मेरे ख्याल से उस दिन
यह मालिक-गुलाम वाला समीकरण
बदल जाएगा।

बेशक!
सत्ता के बल पर डराए-धमकाए,
पिटवाए-मरवाए जा सकते हैं लोग,
इसीलिए अपने देश में
हैसियत है राजा जैसी सत्ताधारियों की
और रंक जैसी बाकी लोगों की,
जिस दिन लोगों के मन से
मरने का डर निकल जाएगा
तो राजा अपनी राजनीति
किसी तरह चला पाएगा या नहीं,
यह देखना दिलचस्प रहेगा।

मेरे ख्याल से उस दिन
यह राजा-रंक वाला समीकरण
बदल जाएगा।

जितेन्द्र 'कबीर'
संपर्क सूत्र - 7018558314