मोहब्बतपुर की जमीन नहीं है लो लैंड


आज़मगढ़। विश्वविद्यालय अभियान की टीम एक्सपर्ट और मीडिया के साथ आज मोहब्बतपुर पंहुची। ग्रामवासियो के साथ मेन रोड से लेकर पूरी प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण किया। कहीं जल जमाव, वाटर लॉगिंग, लो लैंड, बड़े गड्ढे आदि कहीं नहीं पाए गए। प्रस्तावित जमीन ऊंचाई पर है उसके ऊपर भी 30-35 फिट ऊंचा भीटा है जो 38 एकड़ में फैला है। जिसे ग्रामवासी डीहवा कहते हैं। इस डीहवा और ऊँचे खेतों के बीच में लगभग 30 फुट चौड़ा और लगभग 50 मीटर की ऐसी जमीन है जहाँ से बरसाती पानी नदी की ओर जाता है। डीहवा पर इतनी मिट्टी है कि आस पास की जमीन को समतल किया जा सकता है। 

       दौलतपुर गांव के प्रधान रणविजय सिंह ने बताया कि पिछले 70 साल से प्रस्तावित जमीन  पर कभी पानी नहीं चढ़ा। लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी लो लैंड के नाम पर शासन को गुमराह कर मिट्टी पाटने के नाम पर 60 करोड़ रूपये ऐंठना चाहते हैं। लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत अधिशाषी अभियंता इं0हरेंद्र यादव ने कहा कि यह भीटा सदियों पुराना है जहाँ पर्याप्त मिट्टी है। यहां मात्र  10 प्रतिशत लो एरिया है जिसे भीटे की मिट्टी से ही पाटा जा सकता है। विश्वविद्यालय के लिए यह एक सुरक्षित जमीन है। मोहब्बतपुर के प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि  पिछले डेढ़ साल से कई बार शासन के सचिव व अधिकारियों की टीम निरिक्षण पर आई, जिन्होंने जमीन को विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त बताया। इसी आधार पर जमीन क्रय करने का आदेश जिला प्रशासन को दिया गया।    महिलिया गांव के संतोष पाण्डेय ने कहा तदुपरांत 324 काश्तकारों ने अपनी उपजाऊ जमीन को सुलभता से शासन को सौंप दिया। जिन्हे लगभग 30 करोड़ मुआवजा भी मिल चुका है। 
      विश्वविद्यालय अभियान के संयोजक और एसोसिएट प्रोफेसर डा0सुजीत भूषण ने कहा कि मोहब्बतपुर में कोई समस्या नहीं है। एक्सपर्ट की राय मा0मुख्यमंत्री महोदय तक पंहुचाई जाएगी। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा0प्रवेश सिंह ने कहा कि काश्तकारों की कीमती जमीन का  अधिग्रहण भी किया जा चुका है। उनका मुआवजा कैसे वापस होगा? विश्वविद्यालय अभियान के राकेश गाँधी ने कहा कि कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग मिट्टी पाटने के लिए 50 करोड़ मांग रही है जिसमे शासन ने कटौती की। इसी को लेकर वास्तविक समस्या है। छात्र नेता अमित कुमार सिंह ने  कहा कि मुख्यमंत्री के विश्वविद्यालय के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन द्वारा खिलवाड़ और शासकीय धन का दुरूपयोग किया जा रहा है जिसे जनपदवासी कभी बर्दास्त नहीं करेंगे। शिवबोधन उपाध्याय ने कहा कि किसी भी कीमत पर मोहब्बतपुर से विश्वविद्यालय नहीं जाने देंगे। 
       इस अवसर पर दीनानाथ सिंह, डी0एन0सिंह, शमशाद अहमद, सत्यजीत श्रीवास्तव, सुजीत सिंह, शैलेन्द्र कुमार, मार्तण्ड प्रताप सिंह, आलोक कुमार सिंह आदि बड़ी संख्या में ग्रामवासी और महिलाएं उपस्थित रहीं।