कोंच सीएचसी में सीजेरियन से जन्मी कन्या


उरई/जालौन। जालौन 1994 में कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनने के बाद रविवार की शाम यहां पहला सीजेरियन प्रसव कराया गया। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य सेवाओं में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि कोंच तहसील में दो सीएसची और एक पीएचसी है। इनमें कोंच व नदींगांव में सीएचसी व पिंडारी में पीएचसी है, लेकिन पिछले कई दशक से यहां ऑपरेशन की व्यवस्थाएं पूर्ण न होने से क्षेत्र के लोगों को ऑपरेशन के लिए जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता था लेकिन कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच में रविवार की शाम जानकी देवी पत्नी मुलायम सिंह ने सीजेरियन ऑपरेशन से कन्या को जन्म दिया। यह बच्ची कोंच सीएचसी में सीजेरियन से जन्मी पहली शिशु है। यह जानकारी मिलने पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि अब उन्हें ऑपरेशन के लिए मुख्यालय नहीं भागना पड़ेगा। ऑपरेशन करने वाले दल में सर्जन डॉ. संजीव प्रभाकर, बेहोशी विशेषज्ञ डॉ. रामकरन सिंह, स्टाफ नर्स सत्यवती, ओटी सहायक सर्वेश आदि शामिल रहे। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके शुक्ला ने बताया जच्चा-बच्चा दोनों स्वास्थ्य हैं। सीएचसी में उनकी देखभाल की जा रही है। सीएमओ डॉ ऊषा सिंह ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना उनकी जिम्मेदारी है। इससे आसपास के लोगों को सीजेरियन के लिए जनपद मुख्यालय आना नहीं पड़ेगा। गर्भवती को कोंच सीएचसी में भी यह सुविधा मिलेगी। सीएससी प्रभारी डा. आरके शुक्ला ने बताया कि इस सीएचसी का शुभारंभ 1994 में किया गया था। यहां सर्जन की तैनाती तो हुई, लेकिन व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने से अब तक ऑपरेशन नहीं किए गए। यह पहली बार है कि जब यहां सफल सीजेरियन ऑपरेशन किया गया। सीएमओ ऊषा सिंह ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अब कोंच को भी एफआरयू (फर्स्ट रेफर यूनिट) बना दिया गया है। अब क्षेत्र के मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर किया जा सकेंगा। इससे इस क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। सीएचसी में मिली इस कामयाबी से जिले के अधिकारियों के साथ साथ मंडल के भी अधिकारी उत्साहित है। झंासी अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अल्पना बरतारिया ने भी इस उपलब्धि के लिए सीएचसी के चिकित्सीय दल को बधाई दी।