॥ नयनों की बाण ॥

नयनों से बाण चलाओ ना तुम
मेरा दिल नाजुक है घायल हो जायेगा
प्यार की ख्वाब सजाये हैं हम
दिल मेरा लहू लुहान हो जायेगा

सज धज कर पनघट पे ना आओ सनम
नदी की बहाव तुम्हें देख मचल जायेगा
जुल्फों को खोल यूँ बिखराओ न तुम
काली बदली भी डर के बहक जायेगा

गालों पे लाली ना सजाओ सनम
उषा की किरण शरमा जायेगी
नागिन सी बलखा कर ना बढ़ाओ कदम
हिरणी भी देख घबरा जायेगी

मन मंदिर में मेरी मूरत सजा ले सनम
प्यार की आरती संवर जायेगी
माथे पे लाल बिन्दिया ना लगाओ
चाँद तारे भी नभ पे छा जायेगी

बदन की खुशबू उड़ाओ ना अब
गुलशन की महक ही उजड़ जायेगा
हाथ की कंगन ना खनकाओ कभी
बाँसुरी की सरगम उखड़ जायेगा

नयनो की बाण ना चलाओ मुझपर
दिल शीशा है चकनाचूर हो जायेगा
पलको में बसा लो हमारी प्यार को
जीवन की पथ पर जीवन गुजर जायेगा।

उदय किशोर साह
मो० न० - 9546115088