आईएएस अफसरों, सीएम ओएसडी की सहायता से मैनपावर सप्लाई में भ्रष्टाचार


लखनऊ। एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने अवनी परिधि एनर्जी एंड कम्युनिकेशन प्रा०लि० द्वारा यूपी के आईएएस अफसरों, नेताओं आदि के संरक्षण में मैनपावर सप्लाई में भारी भ्रष्टाचार किये जाने की जाँच की मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी अपनी शिकायत में नूतन ने कहा कि उन्हें दी गयी जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2017 में इस कंपनी का करार खत्म होने के बाद भी हीरालाल, तत्कालीन एमडी, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा अवैध ढंग से इस कंपनी को मैनपावर सप्लाई हेतु प्राधिकृत किया गया. बाद में शोर मचने पर हीरालाल ने मार्च 2018 में इस कंपनी को उनके फर्जी हस्ताक्षर बना कर पत्र लिखने की बात कही. हीरालाल ने अवनी परिधि कंपनी को बार-बार अवसर प्रदान किये जाने के बाद भी वाणिज्य कर, जीएसटी, सर्विस टैक्स, ईपीएफ, ईएसआई, आयकर आदि के भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं करने तथा ईपीएफ, ईएसआई, सर्विस टैक्स आदि में अनियमितता करने के आरोप लगाये. उन्होंने इस कंपनी के कुकृत्यों के कारण हाई कोर्ट में तमाम जनहित याचिकाएं तथा अन्य याचिका दायर होने तथा इससे निगम की छवि धूमिल होने के गंभीर आरोप लगाये. इन तथ्यों के आधार पर हीरालाल ने 18 जुलाई 2018 को इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया, यद्यपि उन्होंने अपने फर्जी हस्ताक्षर से पत्र निर्गत करने के संबंध में एफआईआर नहीं कराया। कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी इसे लगातार स्वास्थ्य विभाग, विद्युत् विभाग, परिवहन विभाग, मेडिकल कॉलेज सहित सरकार के विभिन्न विभागों में लगातार अवैध ढंग से मैनपावर सप्लाई का काम मिल रहा है। शिकायत में इस कंपनी में एक पूर्व मुख्य सचिव का पैसा लगा होने तथा तमाम आईएएस अफसरों द्वारा इसे अनुचित सहयोग देने के आरोप हैं. इस कंपनी के मालिक अज्ञात गुप्ता के मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त एक ओएसडी से अवांछनीय नजदीकी होने की बात भी कही गयी है। नूतन ने इन तथ्यों की उच्चस्तरीय जाँच कराते हुए कठोर कार्यवाही किये जाने की मांग की है।