ब्राण्ड बहराइच बी-2 बाज़ार का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

बहराइच । जिले के स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित एवं निर्मित उत्पादों की ब्रांडिंग एवं बाज़ार की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पानी टंकी चैराहा के निकट स्थापित किये गये ब्राण्ड बहराइच बी-2 बाज़ार का जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना, उप जिलाधिकारी सदर सौरभ गंगवार आई.ए.एस., जिला विकास अधिकारी राजेश कुमार मिश्र, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. अनिल कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि डाॅ. आर.के. सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।

ब्राण्ड बहराइच बी-2 बाज़ार के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री कुमार ने सभी स्टालों का अवलोकन कर स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शित किये गये उत्पादों का अवलोकन किया। श्री कुमार ने स्वयं सहायता समूहों को सुझाव दिया कि उत्पादों पर ब्राण्ड व मूल्य से सम्बन्धित विवरण भी अंकित करायें साथ ही उत्पादों की पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान दें। श्री कुमार ने आज के प्रतिस्पर्धी युग में अच्छी पैकेजिंग तथा आकर्षक प्रस्तुति बाज़ार का प्रमुख हिस्सा है। श्री कुमार ने स्वयं सहायता समूहों को यह भी सुझाव दिया कि बाज़ार में आने वाले ग्राहकों से मित्रवत्र व्यवहार करें।

इस अवसर पर श्री कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने तथा उनकी आय में बढ़ोत्तरी के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आजीविका मिशन संचालित किया जा रहा है। श्री कुमार ने कहा कि प्रायः यह देखने में आया कि विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किये जा रहे प्रोडक्ट को शहर में उचित स्थान (मार्केट) न मिल पाने के कारण उन्हें आशातीत लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए बीच शहर में पानी टंकी चैराहा के निकट एक अस्थायी स्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है ताकि आजीविका मिशन से जुड़े सदस्य अपने उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए इस प्लेटफार्म का उपयोग कर सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह अस्थायी स्ट्रक्चर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किये गये प्रोडक्ट को स्थापित करने में सहायक होगा जिससे सदस्यों की आय में इज़ाफा होने से आजीविका मिशन की स्थापना के उद्देश्यों की भी पूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म के माध्यम से किसी प्रोडक्ट को मार्केट मिल जाने से सम्बन्धित स्वयं सहायता समूह के प्रत्येक सदस्य की आय में गुणत्तमक वृद्धि होने से सम्बन्धित के परिवार की शिक्षा एवं स्वास्थ्य के स्तर में भी सुधार आयेगा।