उ.प्र 05 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण करने वाला पहला राज्य: योगी


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड-19 की संक्रमण दर को नियंत्रित करने में प्रदेश द्वारा प्राप्त की गई सफलता को आगे भी इसी प्रकार कायम रखने के लिए सभी उपाय जारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसके दृष्टिगत पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है। उन्होंने कोविड-19 से बचाव तथा उपचार की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के सम्बन्ध में मेडिकल टेस्टिंग का कार्य प्रदेश में पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम प्रभावी ढंग से क्रियाशील रहें। कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने जनता को कोविड-19 से बचाव के बारे में निरन्तर जागरूक किए जाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के तहत प्रदेश में संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि निर्धारित क्रम के अनुरूप हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश 05 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण करने वाला पहला राज्य है। आज स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण के साथ ही, कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स का भी वैक्सीनेशन प्रारम्भ किया गया है। छूटे हुए समस्त हेल्थ वर्कर्स के लिए कोविड टीकाकरण का मॉपअप अभियान आगामी 15 फरवरी को संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन्स के अनुरूप शिक्षण संस्थानों में शिक्षण कार्य प्रारम्भ करने के लिए कार्यवाही की जाए। सर्वप्रथम उच्च एवं माध्यमिक शिक्षण संस्थाओं में कक्षाओं का संचालन किया जाए। इसके बाद अन्य सभी विद्यालयों में कक्षा संचालन की कार्यवाही शुरू की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 के केन्द्रीय बजट में स्वास्थ्य सम्बन्धी कई घोषणाएं की गई हैं। उन्होंने इन घोषणाओं के क्रम में राज्य सरकार के प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल खण्ड में तकनीक के व्यापक उपयोग से जनता को विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर सेवाएं और राहत प्रदान की गई। इसके दृष्टिगत उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने नवीन मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण के साथ-साथ इन संस्थानों में विभिन्न संसाधन उपलब्ध कराने की कार्यवाही की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज विहीन 16 जनपदों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के सम्बन्ध में योजनाबद्ध ढंग से कार्यवाही के लिए नीति तैयार की जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस0 गर्ग, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।