कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध तेज, जाने इस मामले से जुड़ी अहम बातें


नई दिल्ली: केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध तेज हो गया है. गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस कार्रवाई करने में जुटी है. पुलिस ने किसान नेताओं को नोटिस जारी करके पूछताछ के लिए बुलाया है. साथ ही कई किसान नेताओं और आंदोलन की अगुवाई कर रहे लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया. वहीं, किसान नेताओं ने हिंसा पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि आंदोलन जारी रहेगा. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंच कर राकेश टिकैत से मुलाकात की. 

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
किसान आंदोलन को लेकर सबसे ज्यादा गहमागहमी इस वक्त गाजीपुर बॉर्डर पर है. गाजीपुर बॉर्डर पर लोग अपने-अपने गांव से पानी लेकर पहुंच रहे हैं. दरअसल, कल पानी और बिजली काट दी गई थी, जिसके बाद किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा था कि अपने इलाके का ही पानी पीऊंगा. अब गांव-गांव से पानी लेकर लोग आ रहे है. समर्थक मेरठ से गंगा जल लेकर पहुंचे.
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंचकर दिल्ली सरकार की ओर से किसानों के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया.
सिसोदिया ने कहा कि मुझे सीएम अरविंद केजरीवाल ने भेजा है. रात आपकी बात हुई थी तो पानी सप्लाई की गई. सीएम ने कहा है कि और कोई ज़रूरत हो तो हम तैयार हैं. आज कुछ पूंजीपतियों के दबाव में किसान को गद्दार कहा जा रहा है. जिन सरदार को कट्टर देशभक्त माना जाता है उसको गद्दार कहा जा रहा है.
इस बीच खबर आई है कि सिंघु बॉर्डर पर एक शख्स ने शुक्रवार दोपहर को एसएचओ अलीपुर प्रदीप पालीवाल के हाथ में तलवार मार दी है. इस हमले में एसएचओ पालीवाल घायल हो गए हैं. एसएचओ पर हमला करने वाले को पुलिस ने पकड़ लिया है. उसे पीटते हुए अपने साथ ले गयी है.
दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और आप विधायक राघव चड्ढा सिंघु बॉर्डर पहुंचे. किसान नेताओं ने गुरुवार को अरविंद केजरीवाल को पानी की समस्या बताई थी.
राघव चड्ढा ने कहा कि हमारे पानी के टैंकरों को रोक दिया गया है. क्या किसान आतंकवादी हैं? क्या हम उन्हें पानी नहीं पिला सकते? हम ख़ुद यहां पहुंचे हैं, आपके सामने हमें रोक दिया गया है. पानी तो सबका मूलभूत अधिकार है. गुरु तेग बाहादुर मेमोरियल में हमारा लंगर भी बंद कर दिया गया है. पानी पिलाना क्या सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन हो गया?
सिंघु बार्डर पर चल रहे प्रदर्शन स्थल तक पैदल जाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है. भारी सुरक्षा बल की तैनाती है.दिल्ली पुलिस के अलावा सीआरपीएफ़, बीएसफ़, आएएफ़ की भी ज़बरदस्त तैनाती है. प्रदर्शन स्थल तक जाने वाले तमाम रास्तों को भी पूरी तरह सील कर दिया गया है.
44 किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी हुआ है. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय टिर्की ने FRRO को LOC जारी करने का लेटर लिखा है. लेटर में डीसीपी ने 26 जनवरी हिंसा की समयपुर बादली में दर्ज हुई एफआईआर का जिक्र करते हुए कहा है कि ये सभी नेता जांच के दौरान देश से भागने की कोशिश कर सकते हैं इसलिए अगर ये ऐसा करें तो इन्हें तो तुरंत हिरासत में ले लिया.
जिन 44 किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ है, उनमें भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत, मेधा पाटेकर और योगेंद्र यादव प्रमुख हैं.
वहीं, 26 जनवरी दिल्ली हिंसा की जांच कर रही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 6 किसान नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है, इन सभी 6 नेताओं को क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. इनमें बूटा सिंह बुर्जगिल, दर्शन पाल सिंह, राकेश टिकैत, शमशेर पंधेर और सतनाम पन्नू शामिल हैं.