सटोरियों से सांठगांठ में कोतवाली के दो दरोगा निलंबित


उरई/जालौन । सटोरिये से साठगांठ के आरोप में कालपी कोतवाली के दो दरोगाओं को एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी का कहना है कि दोनों की जांच कराने के लिए एडीजी को प्रार्थना पत्र दिया गया है। यह भी बताया कि एडीजी से गुजारिश की गई है कि मामले की गैर जनपद के किसी अधिकारी से जांच कराई जाए। बीती छह दिसंबर की रात कालपी कोतवाली के महमूदपुरा चौकी प्रभारी योगेश पाठक और कोतवाली के दरोगा कमल किशोर ने हाईवे पर 6 दिसंबर को कार सवार एक आईपीएल सटोरिये को पकड़ा था। एसपी के मुताबिक, ले-देकर सटोरिये को छोड़ देने की शिकायत जांच में सही मिली। इस पर दोनों दरोगाओं को निलंबित कर उनकी जांच कराई जा रही है। पुलिस के सूत्रों के अनुसार सटोरिये से मौके पर करीब दो से तीन लाख रुपये की रकम ली गई थी, बाकी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से ली गई। बताया जाता है कि जांच के दौरान यही ऑनलाइन लेनदेन दोनों दरोगाओं की गले की हड्डी बन गया। इसके बाद उनके निलंबन की कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, सटोरिये से दस से पंद्रह लाख रुपये की धनराशि ली गई है। करीब छह माह पूर्व महमूदपुरा चौकी प्रभारी योगेश पाठक उरई कोतवाली की एक चौकी में तैनात था। मोबाइल दुकान में चोरी के आरोपी में एक अनुसूचित जाति की युवती को पकड़कर कोतवाली लाया। पूरे दिन उसे वहां रखा गया और शाम को छोड़ा। बाद में युवती ने आत्महत्या कर ली। उसके परिजनों ने दरोगा योगेश पर बेटी की पिटाई का आरोप लगाकर हंगामा किया था। मामले में सूबे की सियासत भी गरमाई लेकिन योगेश पाठक की मजबूत पकड़ के चलते उसे सिर्फ लाइन हाजिर ही किया गया था। बाद में कुछ माह बाद ही कालपी की महमूदपुरा चौकी का प्रभारी उसे नियुक्त कर दिया गया।