चीन की डेटा हड़पने वाली नीति पर ट्रंप का एक और हथौड़ा


अमेरिका और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग पर एक और वार किया है। ट्रंप ने मंगलवार को अलीपे, वीचैट पे सहित कई चाइनीज ऐप पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ये ऐप यूजर की जानकारी बीजिंग की सरकार तक पहुंचा सकते हैं। यह कार्यकारी आदेश 45 दिन बाद से प्रभावी होगा, यानी ठीक तब जब वाइट हाउस में ट्रंप की जगह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन लेंगे।

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस आदेश और इसे लागू करने को लेकर फिलहाल बाइडेन के प्रशासन से चर्चा नहीं की गई है। इससे पहले ट्रंप ने टिक-टॉक को भी बैन करने का आदेश दिया था, जो कि चीन की ByteDance कंपनी की ऐप है। हालांकि, कोर्ट ने अपने फैसले से इस आदेश को पलट दिया था। 

ट्रंप प्रशासन के अधिकारी के मुताबिक इन ऐप पर बैन इसलिए लगाया गया है क्योंकि इन्हें डाउनलोड करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है, जिसका मतलब है कि लाखों-करोड़ों लोगों की निजी जानकारी के लीक होने का खतरा है। अधिकारी के मुताबिक, ऐप बैन करने का मकसद चीन की डेटा हड़पने वाली रणनीति पर वार करना है।

फिलहाल जिन ऐप पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं उनमें अलीपे, कैमस्कैनर, क्यू क्यू वॉलेट, शेयर इट, टेंसेंट क्यू क्यू, वीमेट, वी चैट पे और डब्ल्यूपीएस ऑफिस शामिल हैं।