लम्बे अंतराल बाद कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की फिजिकल बैठक सम्पन्न।


- सभी जनपदों/मंडलों मे घटक संगठनों के स्तर से जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय।

- समन्वय समिति की जनपद शाखाओं की सक्रियता हेतु संगठनों के जिलाध्यक्ष/मंत्रियों की सूची 30 जनवरी तक उपलव्ध कराने के निर्देश।

 - समन्वय समिति की अगली प्रस्तावित बैठक 2 फरवरी मे तय होगी सरकार की कर्मचारी शिक्षक पेंशनर विरोधी नीतियों के प्रतिकार की रणनीति।

लखनऊ:  कोविड 19 के दृष्टिगत कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति,उ.प्र.के शीर्ष पदाधिकारियों की आनलाइन बैठक तो होती रहीं पर कल भौतिक रुप से लम्बी बैठक (Physical Meeting) जल संस्थान कर्मचारी महासंघ कार्यालय, ऐशबाग, लखनऊ मे सम्पन्न हुई जो देर शाम तक चली। बैठक की अध्यक्षता विधान परिषद मे शिक्षक दल के नये नेता मा. सुरेश कुमार त्रिपाठी, एम.एल.सी. ने की। समन्वयक अमरनाथ यादव ने गत कार्यवाही, सरकार का रवैया, संगठनों की दशा एवं दिशा तथा भावी रुपरेखा प्रस्तुत किया। संचालन प्रवक्ता बी.एल.कुशवाहा ने किया। बैठक मे समिति से जुड़े महासंघों/परिसंघों/संघों के शीर्ष पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या मे भाग लिया। बैठक मे अपने विचार व्यक्त करते हुये प्रतिनिधियों ने सरकार की कर्मचारी शिक्षक पेंशनर विरोधी नीतियों एवं फैसलों पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुये प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिये जागरूकता अभियान शुरू करने पर बल दिया। विचार विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिये गये  ---

(1) सभी घटक संगठन अपने अपने स्तर से जनपदों/मंडलों मे जागरूकता अभियान चलाकर सदस्यों को भावी आंदोलन के लिये लामबंद करेंगे। राज्य कर्मचारी महासंघ, माध्यमिक शिक्षक संघ .फील्ड कर्मचारी फेडरेशन सहित कई संगठनों ने शुरुआत कर दी है।

 (2) जनपदों मे कार्यक्रमों के समन्वय हेतु समन्वय  समिति की जिला यूनिटों को क्रियाशील बनाने के लिये घटक संगठनों के जिलाध्यक्ष/मंत्रियों की सूची पता व फोन नम्बर सहित 30 जनवरी तक उपलव्ध कराने के निर्देश दिये गये।

 (3) आगामी 2 फरवरी को समन्वय समिति की अगली बैठक मा.ओम प्रकाश शर्मा जी के नये आवास 109, विधायक आवास, राजेन्द्र नगर,डी.ए.वी.कालेज के सामने,लखनऊ मे आहूत करने का निश्चय किया गया जिसमे सरकार की वर्किंग क्लास विरोधी नीतियों एवं फैसलों के प्रतिकार की रणनीति तय होगी।

       समन्वय समिति ने कहा कि जनवरी 2020 से जून 2021 तक महगाई भत्ता/महगाई राहत फ्रीज कर इस अवधि का एरियर जब्त कर विभिन्न भत्ते समाप्त कर सरकार ने बेतहाशा बढ़ती महगाई मे कर्मचारियों शिक्षकों पेंशनर की कमर तोड़ दी है और इसमें फ्रंट लाइन पर लगे कोरोना वारियर्स को भी नहीं बख्शा गया। उनकी क्रय शक्ति घट गई जिसका विपरीत प्रभाव अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। अब सरकार कर प्राप्ति मे भारी इजाफा और अर्थव्यवस्था मे व्यापक सुधार का दावा करने के  बावजूद भी इन्हें बहाल करने का नाम नहीं ले रही है। जनवरी 2021 मे यह 28% हो गया है जो जुलाई मे बढ़कर 32% होने का अनुमान है इसके विपरीत मिल रहा है मात्र 17% ।

     इसी तरह सभी रोगों के उपचार  हेतु कैशलेस इलाज की व्यवस्था करने,लम्बित वेतन विसंगतियों का निवारण करने, 50-55 वर्ष पर स्क्रीनिंग के नाम पर जबरन सेवा से बाहर करने का आदेश वापस लेने, सरकारी संस्थानों का अंधाधुंध निजीकरण ठेकेदारी प्रथा आउटसोर्सिंग बंद कर रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां करने और ऐसे कार्मिकों की सेवायें नियमित करने तथा पेंशनरी लाभ हेतु जोड़े जाने, नई अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी सुनिश्चित पेंशन व्यवस्था लागू करने, प्रतियोगी युवा बेरोजगारों के लिये रोड़ा बन रही प्रस्तावित नई भर्ती संविदा नियमावली रद्द करने जैसे मूलभूत मुद्दों पर सरकार का उदासीन रवैया बना हुआ है जिससे असंतोष बढ़ रहा है जो आने वाले दिनों मे बड़े आंदोलन का कारक बनेगा।

     बैठक मे संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों - राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.पी.सिंह प्रदेश अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता व प्रदेशीय मंत्री डा.आर.पी.मिश्र नरेंद्र कुमार वर्मा, फील्ड कर्मचारी फेडरेशन की संयोजक रेनू शुक्ला, ICDS सुपरवाइजर्स एसोसिएशन की  महामंत्री शशिकांता सरिता चौधरी, जल संस्थान कर्मचारी महासंघ के संरक्षक नेबूलाल अध्यक्ष रणवीर सिंह सिशोदिया महामंत्री राजेन्द्र यादव,स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के महासचिव चंद्रशेखर,ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष गंगेश कुमार शुक्ला, अनु.जा.प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष मिश्रीलाल यादव महामंत्री रामानंद विश्वकर्मा, दैनिक वेतन वर्कचार्ज संविदा श्रमिक महासंघ के महामंत्री रामभजन मौर्या, परिवहन कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष सरफराज,अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के प्रवेश कुमार, सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के कार्य. महामंत्री ओ.पी.त्रिपाठी, जल कल विभाग पेंशनर संघ के अध्यक्ष अवधेश नारायण चतुर्वेदी महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने विचार रखे।