गिलोय का अंधाधुंध सेवन कहीं कर न दें आपको बीमारी


आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर गिलोय या गुडुची 100 समस्याओं की एक दवा है। कोरोना काल में गिलोय के कैप्सूल, जूस और पाउडर अमृत साबित हुई क्योंकि यह ना सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि इंफेक्शन से भी बचाने में मददगार है। मगर, जहां हर चीज के कुछ फायदे होते हैं वहीं उससे नुकसान भी हो सकता है। जी हां, अगर गिलोय का सेवन गलत तरीके व मात्रा में किया जाए तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं, जिसके बारे में हर किसी को जानना जरूरी है।
गिलोय की कितनी मात्रा लेना सही?
कैप्सूल और पाउडर ले रहे हैं तो पैकेट पर लिखा मात्रा के हिसाब से ही इसका सेवन करें। वहीं इसका काढ़ा पी रहे हैं तो 2 दिन में 1 बार पीएं। सुबह नाश्ते में पहले इसका सेवन ज्यादा फायदेमंद होता है। हालांकि गिलोय का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
डायबिटीज मरीजों के लिए हानिकारक
गिलोय खून में शुगर लेवल का मात्रा कम कर देती है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए सही नहीं है। इस स्थिति को हाइपोग्लाइकेमिया कहा जाता है। ऐसे में अगर आप एक्सपर्ट से सलाह लिए बिना इसका सेवन ना करें।
ब्लड प्रेशर
गिलोय का सेवन ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित करता है इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन करने से बचें।
इम्यून सिस्टम पर असर
गिलोय का सेवन इम्यूनिटी को ओवरएक्टिव कर सकता है, जिससे आपको कई हैल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
पाचन शक्ति को फायदा भी नुकसान भी
बेशक गिलो का जूस पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है लेकिन अधिक मात्रा में इससे कब्ज जैसी समस्याएं भी हो सकती है। अगर आपका पाचन सही नहीं रहता तो भी इसका सेवन ना करें।
सर्जरी से पहले बंद करें गिलोय
अगर आपकी किसी तरह की कोई सर्जरी होने वाली है तो गिलोय का सेवन बंद कर दें क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर अनकंट्रोल हो सकता है जो सही नहीं है।
पेट की दिक्कतें
गिलोय की तासीर बहुत गर्म होती है इसलिए सर्दी-जुकाम और बुखार में इसका सेवन फायदेमंद है। मगर गर्मियों में इसका सेवन लिमिट में करें क्योंकि इससे पेट की समस्याएं हो सकती हैं।
बच्चों के लिए हानिकारक
आयुर्वेद की मानें तो 5 साल से कम उम्र के बच्चों को गिलोय नहीं देना चाहिए। इससे उन्हें कई परेशानियां हो सकती है।
प्रेगनेंसी में ना करें सेवन
प्रेगनेंसी में भी इसका सेवन ना करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह ब्लड शुगर व ब्लड प्रैशर पर असर डालती है जो गर्भवती के लिए सही नहीं है।