फ्लेवर हुक्के के जरिए शरीर में जहर खींच रहे युवा, 79% तो इस वजह से हैं लत का शिकार


मॉर्डन लाइफस्टाइल के कारण हमारे पहरावे में खान-पान में बहुत सारे बदलाव आ रहे हैं। लोग सोसाइटी में इमेज बनाने के लिए अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करने के लिए भी तैयार हैं। आज जहां सिगरेट पीने को आम समझा जाता हैं तो वहीं युवाओं में हुक्का पीने की लत भी बढ़ती जा रही है। आज पूरा सोशल मीडिया ही ऐसी वीडियोज से भरा है जिसमें युवा मजे से हुक्का पी रहें हैं लेकिन इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि इससे हमारी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। 

1 घंटे तक कोई हुक्का पीए तो...

आज कल होटल में फ्लेवर हुक्का का काफी चलन बढ़ गया है और युवा इसका काफी इस्तेमाल भी कर रहे हैं लेकिन युवाओं की यही आदत उन्हें नशे की ओर धकेल रही है। इस पर स्वास्थ्य माहिरों की मानें तो एक स्टडी में यह बात साफ हो गई कि अगर कोई व्यक्ति 1 घंटे तक लगातार हुक्का पीता है तो वो 100 सिगरेट पीने के बराबर है। और एक घंटे में 100 सिगरेट हमारी सेहत के लिए काफी घातक हो सकती है। 

12 से 17 साल के युवा सिर्फ इस वजह से पीते हैं हुक्का 

वहीं एक अन्य स्टडी की मानें तो 12 से 17 साल के उम्र  79 फीसद युवा सिर्फ इस वजह से हुक्का पीते हैं क्योंकि उन्हें होटल में और क्लब में फलेवर हुक्का दिया जाता है। इसमें वॉटरमेलन, ओरेंज क्रीम, कारमेल, ट्रोपिकल फ्रूट और चैकलेट फलेवर के साथ हुक्का परोसा जाता है। फ्लेवर हुक्के के कारण ही युवाओं में प्रति लत और बढ़ती जा रही है और वह इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। और फ्लेवर मिलने के कारण ही वह घंटों तक हुक्का पीते रहते हैं। 

हुक्का बैन करने की मांग 

आपको बता दें कि हाल ही में चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग और पीजीआइ चंडीगढ़ के सहयोग से टोबेको के इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर एक वीडियो कांफ्रेंसिंग की गई। इसी दौरान यह मांग भी की गई कि हुक्के पर पूरी तरह बैन होना चाहिए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद चंडीगढ़ प्रशासन और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को पूरे भारत में हुक्का पर पूरी तरह प्रतिबंद लगाने के लिए एक मसौदा तैयार करके भी भेजा गया।

स्टेटस बन रहा हुक्का पीना 

आजकल के लाइफस्टाइल में हुक्का पीना एक स्टेटस बन गया है। होटल और क्लबों में युवाओं को आम रेट पर हुक्का मिल जाता है और आसानी से एंट्री भी मिल जाती है और जो युवा इन चीजों से दूर रहते हैं तो उनका स्टेटस कम समझा जाता है। और इसी देखा देखी में युवाओं में हुक्का पीने की आदत बढ़ गई। 

फ्लेवर हुक्के से होते हैं नुकसान 

बहुत से युवाओं को लगता है कि फ्लेवर हुक्का पीने से तो कोई नुक्सान नहीं होता है लेकिन ऐसा नहीं है। युवा गलतफहमी में हैं कि इसके साथ उन्हें कोई नुक्सान नहीं होंगे लेकिन फ्लेवर हुक्का पीने से आपके शरीर में अमोनिया, मेथोनॉल, एसीटोन,  नैफ्थेलैमिन,  पाइरीन, केडमियम, डाई मैथिल, नाइट्रो सैमीन, कार्बन डाइमोनोआक्साइड, नफ्थैलीन, जैसे कई रासायन बनते हैं और यह सीधे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं। जो कि शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं।

सिगरेट से भी घातक हुक्का 

इतना ही नहीं हुक्का पीना सिगरेट से भी घातक है इसका कारण है कि इसमें तंबाकु का निकोटिन सीधे शरीर में जाता है। हुक्के से कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसके साथ ही हार्ट से जुड़ी परेशानी, टीबी, नपुंसकता की संभावना काफी ज्यादा होती है।

हुक्का पीने से होने वाली बीमारियां

ओरल कैंसर

लंग कैंसर

पेट का कैंसर

खाने की नली का कैंसर

हाथ-पैरों में दर्द और झंझनाहट

कैंसर की संभावना

posted by -दीपिका पाठक