धर्मांतरण विरोधी कानून पर बोले राजनाथ सिंह


 युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून का समर्थन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से विवाह के लिए धर्मांतरण का समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कि धर्म परिवर्तन क्यों किया जाना चाहिए. सामूहिक स्तर पर धर्म परिवर्तन रुकना चाहिए. जहां तक मेरी जानकारी है, मुस्लिम धर्म में कोई दूसरे धर्म में शादी नहीं कर सकता. मैं व्यक्तिगत रूप से विवाह के लिए धर्मांतरण का समर्थन नहीं करता हूं.'
राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण कानून के दुरुपयोग से जुड़े सवालों के जवाब में यह बात कही. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विवाह और शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन में फर्क होता है. वह बोले, 'बहुत से मामलों में आपने देखा होगा कि जबरन धर्म परिवर्तित किया जाता है और कई बार यह लालच के लिए भी किया जाता है. प्राकृतिक विवाह और शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन में बड़ा फर्क होता है और मुझे लगता है कि इन कानूनों को बनाने वाली सरकारों ने इन सभी बातों पर विचार किया है.'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि एक सच्चा हिंदू धर्म-जाति के आधार पर कभी भेदभाव नहीं करेगा. हमारे धार्मिक शास्त्र भी इसके लिए अनुमति नहीं देते हैं. भारत इकलौता देश है, जो वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देता है. कोई देश ऐसा नहीं करता है.'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसान आंदोलन पर कहा कि सरकार प्रदर्शन कर रहे किसानों की पीड़ा को समझ रही है. प्रदर्शनकारी किसानों को माओवादी और खालिस्तानी बताए जाने पर वह बोले, 'इस तरह के आरोप किसी के भी द्वारा नहीं लगाए जाने चाहिए. हम किसानों का दिल से सम्मान करते हैं. उनके सम्मान में हम सिर झुकाते हैं. वे हमारे अन्नदाता हैं. आर्थिक मंदी के समय किसानों ने इससे उबारने की जिम्मेदारी ली थी. वे अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उन्होंने कई बार देश को संकट से निकाला है.'