यह जिंदगी का है सफर


ख्वाब टूटने लगे

साथ छूटने लगे
लोग रुठने लगे
अश्क फूटने लगे
तो मन में न मलाल कर
यह जिंदगी का है सफर
तेज होंगी आंधियां
आएंगी परेशानियां
बैठकर ईश्वर भी तो
रच रहा कहानियां।
फिर रास्तों की क्यों फिकर
यह जिंदगी का है सफर।
खुद को न उदास कर
ठान ले विश्वास कर
टूटते हैं तारें भी
फिर क्यों बसा मंजिल का डर
यह जिंदगी का है सफर
यह जिंदगी का है सफर।

रवि श्रीवास्तव
रायबरेली, उत्तर प्रदेश
9718895616