कोच शास्त्री ने बताया चालाक तो रविचंद्रन अश्विन बोले


अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में टीम इंडिया ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट में मात देने के साथ ही सीरीज में भी 1-1 की बराबरी कर ली। मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन की हर तरफ तारीफ हो रही है। इसमें भी कार्यवाहक कप्तान रहाणे के नेतृत्व क्षमता की भी खूब प्रशंसा हो रही है। गेंदबाजों का बखूबी इस्तेमाल हो या बल्लेबाजी में आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व और या फिर फील्डिंग लगाना, इन सब मामले में रहाणे की हर कोई तारीफ कर रहा है।

टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार को यहां भारत के दूसरे टेस्ट में जीत के साथ श्रृंखला बराबर करने के बाद कहा कि नियमित कप्तान विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे ड्रेसिंग रूम में धैर्य लेकर आए। स्टार आफ स्पिनर अश्विन ने ‘7 क्रिकेट’ से कहा, ‘36 रन पर आउट होने के बाद वापसी कभी आसान नहीं थी। हमें क्रिकेट देश होने पर गर्व है और विराट को गंवाना झटके की तरह था।’ 

उन्होंने कहा, ‘लेकिन हमने काफी अच्छी वापसी की। ड्रेसिंग रूम में जिंक्स (रहाणे) के धैर्य ने हमें स्थिरता दी जिसकी जरूरत थी और हम इस मैच में खुद को जाहिर कर पाए।’ 

भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे को ‘चालाक कप्तान’ बताते हुए कहा कि उनका शांत स्वभाव नियमित कप्तान विराट कोहली से बिल्कुल विपरीत है जो हमेशा जोश और जुनून से भरे रहते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शतक बनाने के साथ अच्छी कप्तानी के लिए भी रहाणे की तारीफ की जा रही है। शास्त्री ने दूसरे टेस्ट में आठ विकेट से मिली जीत के बाद कहा, ‘वह काफी चालाक कप्तान है और खेल को बखूबी पढता है। उसके शांत स्वभाव से नए खिलाड़ियों और गेंदबाजों को मदद मिली। उमेश के नहीं होने के बावजूद वह विचलित नहीं हुआ।’ 

शास्त्री से रहाणे और कोहली की कप्तानी की शैली में फर्क के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा, ‘दोनों खेल को बखूबी समझते हैं। विराट काफी जुनूनी है जबकि अजिंक्य शांत है। विराट आक्रामक है जबकि अजिंक्य चुपचाप तैयारी करता है लेकिन उसे पता है कि वह क्या चाहता है।’ 

उन्होंने रहाणे के शतक को दूसरे टेस्ट का निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि उन्होंने ‘अविश्वसनीय धीरज’ का प्रदर्शन किया। शास्त्री ने कहा, ‘रहाणे जब बल्लेबाजी के लिए उतरा तो हमारे दो विकेट 60 रन पर गिर गए थे। इसके बाद उसने छह घंटे बल्लेबाजी की। यह आसान नहीं था। उसने अविश्वसनीय धैर्य दिखाया। उसकी पारी मैच का टर्निंग प्वाइंट थी।’

तेंदुलकर ने ट्वीट किया, ‘विराट, रोहित, ईशांत और शमी के बिना टेस्ट जीतना बड़ी उपलब्धि है। टीम इंडिया ने पहले टेस्ट की हार को भुलाकर जो जज्बा दिखाया, वह काबिले तारीफ है। शानदार जीत। शानदार प्रदर्शन टीम इंडिया।’

पहले टेस्ट में कप्तानी के बाद पितृत्व अवकाश पर स्वदेश लौटे कोहली ने कहा, ‘क्या शानदार जीत है। पूरी टीम का शानदार प्रयास। मैं टीम के लिए और खास तौर पर अजिंक्य रहाणे के लिए बहुत खुश हूं जिसने उम्दा कप्तानी की। यहां से अब आगे और ऊपर जाना है।’ ऑस्ट्रेलिया में रिहैबिलिटेशन पूरा कर रहे बल्लेबाज रोहित शर्मा ने ट्वीट किया, ‘एमसीजी पर टीम इंडिया की बेहतरीन जीत। पूरे मैच में खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा।’